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कानपुर हिंसा: पुलिस के खिलाफ 10 तहरीरें, एफआईआर एक भी नहीं, मृतकों के परिजनों ने दी हत्या की तहरीर

Tue, 28 Jan 2020 06:30 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 28 Jan 2020 06:30 PM IST
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Kanpur violence: 10 fir against against police
कानपुर यतीमखाना हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नागरिकता संशोधिन कानून के विरोध में बाबूपुरवा में हुई हिंसा के मामले में पुलिस के खिलाफ अब तक दस तहरीरें दी जा चुकी हैं लेकिन एक में भी कार्रवाई नहीं हुई। मारे गए लोगों के परिजनों ने हत्या की तहरीर दी है जबकि अन्य ने हत्या का प्रयास व झूठे मुकदमे में फंसाने समेत तमाम गंभीर आरोप पुलिस पर लगाए हैं।
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थाने में सुनवाई न करने पर सभी ने एसएसपी को डाक के जरिये तहरीरें भेजी हैं। हाईकोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। बाबूपुरवा में 20 दिसंबर को नागरिकता कानून के विरोध में भारी हिंसा हुई थी। हिंसा में गोली लगने से तीन लोगों की जान चली गई थीं। इसमें आफताब आलम, मोहम्मद सैफ व रईस शामिल हैं।
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Kanpur violence: 10 fir against against police
नागरिकता कानून पर कानपुर हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा दस लोग गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने पहले हजारों प्रदर्शनकारियों पर हत्या का प्रयास, बलवा समेत अन्य गंभीर धारा में एफआईआर दर्ज की और फिर इसमें प्रदर्शनकारियों पर हत्या की धारा बढ़ाई। मृतकों के पक्ष के वकील नासिर खान ने बताया कि आफताब आलम की मां नजमा बानो, सैफ के पिता तकी और रईस के पिता शरीफ ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगा तहरीर दी है।

इन सभी ने एसएसपी को डाक के जरिये तहरीर भेजी हैं। पर, अब तक एक भी तहरीर पर कार्रवाई नहीं हुई है। सोमवार को हाईकोर्ट ने भी पुलिस से पूछा था कि पुलिस पर जो आरोप लगे हैं, उस पर कितने मामले दर्ज हुए। सभी तहरीरें 9 से 14 जनवरी के बीच एसएसपी दफ्तर भेजी गईं।

 

Kanpur violence: 10 fir against against police
कानपुर में हिंसा की तस्वीरें (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
फर्जी मुकदमों में फंसे व हत्या का प्रयास का आरोप
नासिर खान ने बताया कि जो लोग घायल हुए और जिनको जेल भेजा गया, उनमें से भी सात लोगों ने तहरीरें भेजी हैं। इसमें घायल मोहम्मद फैजान ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनको रोककर गोली मारी। इसके अलावा घायल शान मोहम्मद, मोहम्मद अकील, शहजाद उर्फ सरफाज आलम, परवेज आलम, मोहम्मद शकील और मोहम्मद कफीन ने भी पुलिस पर फर्जी मुकदमों में फंसाने व गोली मारने का आरोप लगाया है।

शादी की तैयारी में थे, पुलिस ने भेजा जेल
वकील ने बताया कि मोहम्मद शकील की बेटी फैनीदा फातिमा की शादी बीस दिसंबर को थी। शादी समारोह ईदगाह मैदान में होना था। उनके दोनों बेटे मुस्तकीम व आदिल शादी की तैयारी में जुटे थे। तभी पुलिस ने उनको पकड़कर पीटा और फिर जेल भेज दिया।

 
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Kanpur violence: 10 fir against against police
कानपुर में हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस नहीं करवा रही मजिस्ट्रेटी बयान
घायल फैजान व काशिम अभी भी हैलट में भर्ती हैं। उनकी हालत अभी भी बेहतर नहीं है। फैजान ने कुछ दिन पहले ही डीएम को मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज करवाने केलिए पत्र दिया था लेकिन पुलिस ने अभी तक उसके बयान नहीं कराये हैं। उनके वकील का कहना है कि पुलिस खुद को बचाने की वजह से बयान नहीं करवा रही है।

मेरी जानकारी में तहरीरें नहीं मिली हैं। अगर तहरीरें डाक के जरिये आई होंगी तो जांच में शामिल कर ली जाएंगी।
अनंत देव, डीआईजी 
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