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चित्रकूट: एक साल पहले बना पुल पहली ही बारिश में बहा, छह गांवों का संपर्क टूटने से ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें
Sun, 30 Aug 2026 09:45 AM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Sun, 30 Aug 2026 09:45 AM IST
सार
Chitrakoot News: पाठा क्षेत्र में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है, जहां गौतमपुर, रुखमा खुर्द, डाडी, पंडित पुरवा, फुली पुरवा और नई दुनिया को जोड़ने वाला पिछले साल ही बना पुल बह गया है। इससे छह गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
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चित्रकूट पाठा पुल बहा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गौतमपुर, रुखमा खुर्द, डाडी, पंडित पुरवा, फुली पुरवा और नई दुनिया को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बारिश के बाद पूरी तरह टूट गया है। कल हुई तेज बारिश में पिछले साल बना पुल बह गया, जिससे छह गांवों का आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बहने से उन्हें पांच-छह किमी घूमकर आना-जाना पड़ रहा है।
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बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कत हो रही है। मामले को लेकर बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने प्रशासन पर निशाना साधा है। मोर्चा ने सवाल उठाया है कि एक साल पहले बना पुल इतनी जल्दी कैसे बह गया? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हुई थी? सरकारी धन से बने निर्माण की जिम्मेदारी किसकी है? मोर्चा ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण करे।
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स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण चाहिए
आवागमन बहाल करने के लिए अस्थायी व्यवस्था करे। पुल निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पाठा के ग्रामीणों के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। विकास के नाम पर खानापूर्ति नहीं, स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण चाहिए। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।