{"_id":"60d1f1370e0f7a34e43539a8","slug":"kanpur-vigilance-regarding-delta-plus-the-third-variant-of-corona-131-samples-sent-for-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: कोरोना के तीसरे वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर सतर्कता, जांच के लिए भेजे गए 131 सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: कोरोना के तीसरे वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर सतर्कता, जांच के लिए भेजे गए 131 सैंपल
Tue, 22 Jun 2021 07:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 22 Jun 2021 07:48 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में कोरोना के तीसरे वैरिएंट डेल्टा प्लस के मिलने के बाद सतर्कता बरती जा रही है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज का माइक्रो बायोलॉजी विभाग हर 15 दिन में रोगियों के सैंपल जांच के लिए भेज रहा है। इन सैंपलों की जांच वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट पुणे में होगी।
इसके साथ ही शहरियों से अपील की जा रही है कि मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों का पालन करें। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि कोई भी वैरिएंट हो बचत मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से ही होगी। कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के पहले मुंबई, कोलकाता और दूसरे शहरों से लोगों का आना-जाना तेज हो गया था।
इसके बाद जब रोगी बढ़ने लगे तो दूसरे शहरों में काम करने वाले लोग आने लगे। इसी बीच पंचायत चुनाव हुआ और त्योहारों की वजह से भीड़ बिना कोई एहतियात बरते बाजारों में आ गई। इसके बाद दूसरी लहर ने कहर ढाया। सबसे खतरनाक डेल्टा वायरस का संक्रमण था।
विज्ञापन
लहर के ढलान पर आने के बाद वायरस की पहचान हुई। पश्चिम बंगाल के बाद अब मुंबई में डेल्टा प्लस वायरस के संक्रमित मिल रहेे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने बताया कि जीन सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजे गए हैं।
अभी तक कुल 131 सैंपल भेजे गए हैं लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। हर 15 दिन में 15 सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को ही अपना अधिक ख्याल रखना है। बचाव का एक ही तरीका है कि कोविड गाइड लाइन का पालन करें।
विज्ञापन
इसके साथ ही शहरियों से अपील की जा रही है कि मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों का पालन करें। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि कोई भी वैरिएंट हो बचत मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से ही होगी। कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के पहले मुंबई, कोलकाता और दूसरे शहरों से लोगों का आना-जाना तेज हो गया था।
विज्ञापन
इसके बाद जब रोगी बढ़ने लगे तो दूसरे शहरों में काम करने वाले लोग आने लगे। इसी बीच पंचायत चुनाव हुआ और त्योहारों की वजह से भीड़ बिना कोई एहतियात बरते बाजारों में आ गई। इसके बाद दूसरी लहर ने कहर ढाया। सबसे खतरनाक डेल्टा वायरस का संक्रमण था।
विज्ञापन
लहर के ढलान पर आने के बाद वायरस की पहचान हुई। पश्चिम बंगाल के बाद अब मुंबई में डेल्टा प्लस वायरस के संक्रमित मिल रहेे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने बताया कि जीन सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजे गए हैं।
अभी तक कुल 131 सैंपल भेजे गए हैं लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। हर 15 दिन में 15 सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को ही अपना अधिक ख्याल रखना है। बचाव का एक ही तरीका है कि कोविड गाइड लाइन का पालन करें।