Kanpur: उपनिदेशक के न आने पर भड़के व्यापारी, गल्ला मंडी में जमकर प्रदर्शन, एक घंटे बाद सचिव को सौंपा ज्ञापन
Kanpur News: कानपुर की गल्ला मंडी में लाइसेंस नवीनीकरण में गारंटी और एप आधारित व्यवस्था के खिलाफ व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। उपनिदेशक के ज्ञापन लेने न आने पर व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए इसे अधिकारियों की मनमानी करार दिया है।
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कानपुर उद्योग व्यापार मंडल उत्तर और दक्षिण के संयुक्त सहयोग में मांगों के समर्थन में शुक्रवार को व्यापार मंडल का गल्लामंडी में उपनिदेशक को ज्ञापन देना प्रस्तावित था। लेकिन उपनिदेशक मंडी ज्ञापन लेने ही नहीं आए। इस पर नाराज व्यापारी धरना देकर बैठ गए और प्रदर्शन किया। एक घंटे के बाद मंडी सचिव आए और उन्होंने ज्ञापन लिया। ज्ञापन में व्यापारियों ने एक जुलाई से एप आधारित व्यवस्था लागू किए जाने और लाइसेंस नवीनीकरण में गारंटी मांगने पर विरोध जताया। कहा कि आज कोई किसी की गारंटी नहीं ले सकता।
प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा की अगुवाई में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान समय पर मंडी समिति की ओर से पूरे प्रदेश के व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। मंडी लाइसेंस नवीनीकरण पर दो गारंटी की मांग की जा रही है। जबकि 30 जून को मंडी लाइसेंस नवीनीकरण की अंतिम तिथि है। मंडी निदेशक ने एक जुलाई से नई एप व्यवस्था ट्रैकिंग व्यवस्था प्रस्तावित की है। गेट पास जारी करने का नया नियम बनाया जा रहा है। वो भी गलत है। इससे व्यापार पर भी प्रभाव पड़ेगा।
हर साल पांच प्रतिशत बढ़ाकर किराया लिया जा रहा
जिला अध्यक्ष सुनील बजाज और महामंत्री कृपाशंकर त्रिवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मंडी समिति की ओर से बनाई गई दुकानों पर हर साल पांच प्रतिशत बढ़ाकर किराया लिया जा रहा है। ये व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी वर्ग अपनी मनमानी कर रहा है। यदि व्यापारियों की समस्याएं समाप्त नहीं हुई, तो मंडी निदेशक से मिलकर विरोध जताया जाएगा। कहा कि एक तरफ जहां बैंक बिना गारंटी के लोन देने को तैयार हैं।
समय देने के बाद भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आए
वहीं दूसरी तरफ व्यापार को प्रभावित करने के लिए मंडी समिति के अधिकारियों द्वारा गारंटी की मांग की जा रही है। आज के दौर में कौन किसकी गारंटी लेता है। जिला अध्यक्ष दक्षिण अचल गुप्ता ने कहा कि समय देने के बाद भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आए। यह रवैया ठीक नहीं है। यदि इस पर सुधार नहीं किया गया तो अफसर के घरों के बाहर धरना देंगे, उन्हें घर में भी नहीं बैठने देंगे। इस मौके पर रामेश्वर गुप्ता, पवन तिवारी, नीतू सिंह, निर्मल त्रिपाठी, सुरेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, राजेश कुमार सिंह, सूरज जायसवाल, महेश गुप्ता, विजय मिश्रा, गुलशन जायसवाल, अभिषेक त्रिपाठी, मनीष जायसवाल आदि थे।