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Kanpur: दीपोत्सव के बाद गंगा घाटों पर गंदगी का अंबार, टूटी मूर्तियों- फूलों का ढेर, प्रशासन से सफाई की मांग

Thu, 23 Oct 2025 01:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 23 Oct 2025 01:01 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर के ड्योढ़ी, नजफगढ़ और नागापुर गंगा घाटों पर दीपोत्सव के बाद खंडित मूर्तियों और फूल मालाओं का अंबार लगा है, जिससे चारों ओर गंदगी फैल गई है। दो दिन बाद छठ पूजा है, जिसे देखते हुए प्रशासन से तत्काल सफाई की मांग की गई है।

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Kanpur Piles of garbage broken idols and flowers litter Ganga ghats after Deepotsav demanding clean up
दीपोत्सव के बाद घाटों पर टूटी मूर्तियों का अंबार - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में दीपोत्सव महापर्व की भव्यता के बाद गंगा घाटों पर फैली गंदगी ने श्रद्धा और स्वच्छता के बीच गहरी खाई बना दी है। घाटों के किनारे हजारों की संख्या में खंडित और पुरानी मूर्तियां फूल मालाओं सहित फेंकी गई हैं, जो अब कुत्तों और बंदरों द्वारा इधर-उधर फैलाकर गंगा तट को कचरे के ढेर में तब्दील कर रही हैं। पॉलिथीन में भरे फूल सड़ने लगे हैं, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

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महाराजपुर थाना क्षेत्र के ड्योढ़ी घाट, नजफगढ़ घाट तथा नागापुर गंगा घाट किनारे खंडित मूर्तियों को फेंका गया है। एक ओर प्रशासन घाटों की सफाई और गंगा स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। दूसरी ओर श्रद्धालु भूमि विसर्जन की परंपरा को दरकिनार कर मूर्तियों को खुले में घाटों पर छोड़ रहे हैं, जिससे मां गंगा की निर्मलता और आस्था दोनों को ठेस पहुंच रही है।

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Kanpur Piles of garbage broken idols and flowers litter Ganga ghats after Deepotsav demanding clean up
कुत्तों और बंदरों ने फैलाया कचड़ा - फोटो : amar ujala

पर्यावरणीय संकट को जन्म दे रही है समस्या
घाटों पर बिखरी टूटी मूर्तियां न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संकट को भी जन्म दे रही हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए और दीपोत्सव जैसे आयोजनों के बाद घाटों की सफाई को प्राथमिकता दी जाए ताकि मां गंगा की पवित्रता बनी रहे और श्रद्धा के साथ स्वच्छता का संतुलन भी कायम रह सके।

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