कानपुर की हवाओं में घुला 'केसरिया रंग', जानें BJP से नई मेयर प्रमिला पांडेय के बारे में ये खास बातें
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सारे सिस्टम मैं कानपुर के ठीक कर दूंगीः भाजपा प्रत्याशी प्रमिला पांडे
कानपुर में भाजपा से रिकॉर्ड जीत हासिल करने वाली विजेता महापौर प्रत्याशी प्रमिला पांडेय पहले से ही खुद की जीत को लेकर आश्वस्त थीं। पिछले दिनों अमर उजाला कार्यालय जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचीं प्रमिला ने ये पहले ही कह दिया था कि अगर मैं जीती तो शहर के वार्डों का विकास कार्य देखकर ही लोगों को पता चल जाएगा कि इस शहर के बिगड़े स्वरूप को भाजपा कैसे सुधार रही है। जब मैं महापौर की शपथ लूंगी तब देखना सारे सिस्टम मैं कानपुर के ठीक कर दूंगी। मैं अपना एक अलग कंट्रोल रूम बनाऊंगी। सभी 110 वार्ड में कंप्लेनबॉक्स रखवाकर समस्याओं का निराकरण कराऊंगी। प्रमिला ने कहा कि सफाई पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार नहीं थी तो कोई भी प्रोजेक्ट शहर का पास नहीं होता था। अब केंद्र में भी हमारी भाजपा की सरकार है और राज्य में भी। हम डंके की चोट पर कानपुर शहर की समस्याओं को दूर करने का प्रोजेक्ट बनाकर पास करवाकर लाएंगे। पूरे शहर के बुद्धिजीवियों को एक साथ बैठाकर यहां के विकास के लिए बातचीत होगी। उसी बातचीत में 10 बड़े प्वाइंट बनाकर शहर की खुशहाली के लिए कुछ नया काम कराया जाएगा।
जानें प्रमिला पांडेय से जुड़ी ये अनजान बातें...
पहली सूची में नहीं था
बीजेपी ने पंद्रह दिनों की माथा-पच्ची के बाद कई कद्दावर चेहरों को नजरअंदाज कर जमीन से जुड़ी नेता प्रमिला पांडेय को कानपुर से मेयर पद का कैंडीडेट घोषित किया। जानकारों की माने तो संघ के साथ भाजपा के कई दिग्गज नेता अपने करीबियों को टिकट दिलवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए थे। वहीं प्रमिला पांडेय ने पार्टी की तरफ से मांगे गए आवेदन के अनुसार टिकट के लिए दावेदारी की थी। इनका नाम पहली सूची में नहीं था।
मुख्यमंत्री की करीबी हैं प्रमिला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश से आने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बैठक कर प्रमिला पांडेय को चुनाव लड़ाए जाने की बात कही थी। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने मुहर लगा दी। कानपुर की प्रमिला पांडेय की गिनती सीएम के करीबी नेताओं में होती है। विधानसभा चुनाव के वक्त योगी आदित्यनाथ पनकी में जनसभा कर रहे थे, तब इनके बगल में प्रमिला को जगह मिली थी।
'रिवॉल्वर दादी' के नाम से मशहूर हो गईं
1989 में भाजपा से जुड़ी थीं प्रमिला
प्रमिला पाण्डेय मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली है। प्रमिला पांडेय ने राजनीति की शुरूआत 1987 से की थी। प्रमिला पांडेय दो साल तक संध से जुड़ी रहीं और फिर 1989 में इन्होंने भाजपा ज्वाइन की। इनके पति कानपुर रजिस्ट्रार विभाग में बाबू के पद पर तैनात थे। प्रमिला पांडेय सिविल लाइन वार्ड 52 से दो बार पार्षद के लिए चुनी जा चुकी है। इसके बाद वह महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। रामंमदिर आंदोलन के दौरान प्रमिला पाडेय ने भाग लिया था और उमा भारती के बुलावे पर अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ अयोध्या पहुंची थीं। प्रमिला पांडेय की गिनती भाजपा के तेज-तर्राक नेताओं में होती है। प्रमिला अपने कमर पर पिस्टल लेकर चलती हैं और अगर सरकारी बाबू किसी को परेशान करता है तो उस पर रिवाल्वर तान देती हैं।