Kanpur: एलएलबी छात्र पर चापड़ हमला…मेडिकल स्टोर से डीवीआर गायब, गुमराह करने के लिए जोड़ा हिस्ट्रीशीटर का नाम
Kanpur News: एलएलबी छात्र पर चापड़ से जानलेवा हमले का खुलासा हुआ है। 15% डिस्काउंट पर शुरू हुए विवाद को गैंगस्टर के करीबी प्रिंस राज श्रीवास्तव ने भड़काया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हमलावरों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी का डीवीआर गायब कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में रावतपुर के विनायकपुर में एलएलबी छात्र पर मेडिकल स्टोर के बाहर हुए हमले के बाद आरोपियों ने वहां लगे सीसीटीवी का डीवीआर गायब कर दिया है। इसमें पूरा झगड़ा रिकॉर्ड था। पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि दवाई खरीदने के दौरान 15 फीसदी डिस्काउंट को लेकर अभिजीत और मेडिकल स्टोर संचालक अमर सिंह के बीच बात हो रही थी। तभी स्टोर के अंदर बैठे गैंगस्टर दीनू उपाध्याय के करीबी प्रिंस राज श्रीवास्तव ने कमेंट पास करके झगड़ा भड़का दिया। इसी के बाद विवाद बढ़ गया फिर प्रिंसराज, मेडिकल स्टोर संचालक ने साथियों के साथ मिलकर अभिजीत पर हमला कर दिया।
200 कदम दौड़ाकर मारा था पेट में चापड़
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद आरोपियों ने चापड़ से वार किया तो अभिजीत ने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे कर दिए। इससे उसकी अंगुलियां कट गईं। वह बचने के लिए चिल्लाता हुआ सड़क की ओर भागा। करीब 200 कदम दूर सिंचाई विभाग काॅलोनी की दीवार कूदकर अंदर घुस गया। तभी अमर सिंह, उसके भाई विजय, निखिल तिवारी आदि ने वहां जाकर उसके पेट में चापड़ से कई वार किए जिससे उसकी आंतें बाहर आ गईं। अभिजीत का मेडिकल स्टोर से भागते हुए फुटेज पास के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
गुमराह करने के लिए जोड़ा हिस्ट्रीशीटर का नाम
परिजनों का आरोप है कि चौकी के दरोगा ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए हिस्ट्रीशीटर सौरभ ठाकुर का नाम घायल अभिजीत के भाई के रूप में जोड़ दिया। घायल को भी आपराधिक प्रवृत्ति का बताया। हालांकि बाद में एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने जांच कराई तो सौरभ के भाई होने की बात गलत निकली। अभिजीत के मामा चंदन सिंह ने कहा कि अभिजीत अपने परिवार में अकेला है। उसकी सिर्फ एक बहन है। अभिजीत पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में तीन आरोपी अमर सिंह, विजय सिंह, निखिल तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रिंसराज पर दर्ज हैं सात मुकदमे
एलएलबी के छात्र पर हमले के आरोपी प्रिंस राज के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2017 में कल्याणपुर में दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ थाना कल्याणपुर में तीन, काकादेव में दो और फजलगंज व रावतपुर में एक-एक मामला दर्ज है। ये मामले हत्या का प्रयास, जानलेवा हथियार से हमला, बलवा, जबरन वसूली, धमकाना, मारपीट, गालीगलौज, सड़क जाम करना, सरकारी काम में बाधा डालने आदि धाराओं में है।
वारदात में उठे ये सवाल
- पुलिस ने रात को ही मेडिकल स्टोर का फुटेज क्यों नहीं देखा।
- सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर किसने गायब किए।
- पुलिस ने घायल की हालत के बारे में पता क्यों नहीं किया।
- कार में पिस्टल पहले से थी या बाद में डाली गई।