{"_id":"6181952910499778394d4ad4","slug":"kanpur-life-imprisonment-for-three-friends-who-kidnapped-and-killed-a-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: अपहरण कर छात्र की हत्या करने वाले तीन दोस्तों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: अपहरण कर छात्र की हत्या करने वाले तीन दोस्तों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया
Wed, 03 Nov 2021 01:15 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:15 AM IST
सार
कानपुर में छात्र का अपहरण व हत्या करने के मामले में कोर्ट ने तीन दोस्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई व जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिरौती के लिए छात्र का अपहरण कर हत्या करने वाले तीन दोस्तों को अपर जिला जज नवम आशीष कुमार चौरसिया ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को अलग-अलग 2.20 लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माने से 3.30 लाख रुपये मृतक के पिता को मिलेंगे।
चकेरी के पटेल नगर में किराये के मकान में रहकर फतेहपुर निवासी राकेश सिंह के बेटे अजय और अभय पढ़ाई करते थे। 23 जुलाई 2014 को अभय बिंदकी चौराहे पर सवारी का इंतजार कर रहा था, तभी अपहर्ताओं ने उसे वैन में बैठा लिया और बकेवर के पास एक गांव में तीन दिन तक छिपाकर रखा।
बाद में पकड़े जाने के डर से अभय की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को भी नदी में फेंक दिया था। वहीं अभय के घर न लौटने पर भाई अजय ने चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन अजय के मोबाइल पर फोन कर अपहर्ताओं ने अभय को छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की।
विज्ञापन
फिरौती की रकम वसूलने के लिए प्रेमपुर स्टेशन बुलाया। 27 जुलाई 2014 को पुलिस टीम भी अजय के साथ प्रेमपुर पहुंची। पुलिस ने जाल बिछाकर फतेहपुर के औंग निवासी अपहर्ता दीपक, जाफरगंज निवासी पीयूष द्विवेदी और महाराजपुर निवासी रंजीत सिंह उर्फ टिक्कू को गिरफ्तार कर लिया था। एडीजीसी प्रदीप बाजपेई ने बताया कि अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाई।
विज्ञापन
चकेरी के पटेल नगर में किराये के मकान में रहकर फतेहपुर निवासी राकेश सिंह के बेटे अजय और अभय पढ़ाई करते थे। 23 जुलाई 2014 को अभय बिंदकी चौराहे पर सवारी का इंतजार कर रहा था, तभी अपहर्ताओं ने उसे वैन में बैठा लिया और बकेवर के पास एक गांव में तीन दिन तक छिपाकर रखा।
विज्ञापन
बाद में पकड़े जाने के डर से अभय की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को भी नदी में फेंक दिया था। वहीं अभय के घर न लौटने पर भाई अजय ने चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन अजय के मोबाइल पर फोन कर अपहर्ताओं ने अभय को छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की।
विज्ञापन
फिरौती की रकम वसूलने के लिए प्रेमपुर स्टेशन बुलाया। 27 जुलाई 2014 को पुलिस टीम भी अजय के साथ प्रेमपुर पहुंची। पुलिस ने जाल बिछाकर फतेहपुर के औंग निवासी अपहर्ता दीपक, जाफरगंज निवासी पीयूष द्विवेदी और महाराजपुर निवासी रंजीत सिंह उर्फ टिक्कू को गिरफ्तार कर लिया था। एडीजीसी प्रदीप बाजपेई ने बताया कि अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाई।