UP: कानपुर में ब्लूटूथ से हल कर रहे थे लेखपाल परीक्षा का पेपर, महिला महाविद्यालय और BNSD में पकड़े गए नकलची
Kanpur News: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान कानपुर में हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। बुधवार को किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय और बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में दो परीक्षार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करने के आरोप में पकड़ा गया।
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को कानपुर में नकल माफियाओं के मंसूबों पर पानी फिर गया। प्रशासन की कड़ी चौकसी के बावजूद दो केंद्रों पर परीक्षार्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए पेपर हल करने की कोशिश करते रंगे हाथों पकड़े गए। किदवई नगर और बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में हुई इस कार्रवाई के बाद परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया। पकड़े गए आरोपी जौनपुर और प्रयागराज के रहने वाले हैं।
महिला महाविद्यालय में जौनपुर का परीक्षार्थी गिरफ्तार
बृहस्पतिवार सुबह की पाली में परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय में संदिग्ध गतिविधियाँ देखने को मिलीं। यहाँ प्रथम तल पर स्थित कक्ष संख्या-13 में परीक्षार्थी विनोद कुमार पाल (पुत्र रामलाल, निवासी भौरास नेवादा, थाना मड़ियाहूं, जिला जौनपुर) परीक्षा दे रहा था। अनुक्रमांक 12034903 वाले इस परीक्षार्थी की शारीरिक गतिविधियों को देखकर कक्ष निरीक्षक को शक हुआ। जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो निरीक्षक के होश उड़ गए। विनोद के कान में एक अत्यंत सूक्ष्म (माइक्रो) ब्लूटूथ डिवाइस लगी थी। इतना ही नहीं, उसने अपनी शर्ट के नीचे एक मोबाइल जैसा उपकरण छिपा रखा था, जिसकी मदद से वह केंद्र के बाहर बैठे किसी सॉल्वर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था।
BNSD शिक्षा निकेतन में प्रयागराज का मुन्नाभाई पकड़ा गया
नकल का दूसरा मामला शहर के प्रमुख केंद्र बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से सामने आया। यहाँ भी सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए एक परीक्षार्थी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ भीतर दाखिल हो गया था। पकड़े गए छात्र की पहचान सागर सिंह पटेल के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के 'नकल के गढ़' कहे जाने वाले प्रयागराज का निवासी है। सागर के पास से भी हाईटेक डिवाइस बरामद हुई है। सचल दस्ते ने उसे मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट पर
इस घटना ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय 'सॉल्वर गैंग' की सक्रियता को उजागर कर दिया है। केंद्रों पर मौजूद केंद्राध्यक्षों ने तत्काल संबंधित थानों को लिखित प्रार्थना पत्र देकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके पास से बरामद उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण यह पता लगाना है कि बाहर से इन्हें कौन निर्देश दे रहा था। क्या यह किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हैं या व्यक्तिगत स्तर पर नकल का प्रयास कर रहे थे?