किडनी कांड: 'मेडिलाइफ हॉस्पिटल' में भी हुआ था ट्रांसप्लांट; होटल में ठहरती थी ऑपरेशन टीम, CCTV से खुलेंगे राज
Kanpur News: कानपुर किडनी कांड में गिरफ्तार टेक्नीशियनों ने मसवानपुर के मेडिलाइफ हॉस्पिटल में अवैध ट्रांसप्लांट की बात स्वीकार की है। पुलिस अब होटल रिकॉर्ड्स और सीएमओ कार्यालय की मदद से पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
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कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि चार माह पहले दिसंबर 2025 में भी आहूजा हॉस्पिटल के अलावा मेडिलाइफ हॉस्पिटल में एक महिला मरीज की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी।
शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस दोनों ओटी टेक्नीशियन को रावतपुर, काकादेव, कल्याणपुर और पनकी क्षेत्र के हॉस्पिटल और नर्सिंगहोम ले गई। मसवानपुर में मेडिलाइफ हॉस्पिटल को देख दोनों ने उसे पहचाना लिया और पुलिस को बताया कि इसी अस्पताल में ट्रांसप्लांट किया था।
सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखकर जुटाई जा रही है जानकारी
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि मेडिलाइफ हॉस्पिटल में हुए ट्रांसप्लांट में महिला मरीज और डोनर की जानकारी की जा रही है। यह अस्पताल कन्नौज के तिर्वा का रोहन, सौरिख का संदीप और औरैया का नरेंद्र संचालित कर रहे थे। जनवरी 2026 में किसी मरीज की मौत होने पर सीएमओ कार्यालय ने इसे सील कर दिया था। सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखकर इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
केशवपुरम के होटल में रुके थे डॉक्टर
दिसंबर 2025 में सर्जरी से पूर्व डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ केशवपुरम के एक होटल में रुके थे। पुलिस ने होटल के पुराने रिकार्ड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मांगी है। सर्जरी के बाद किडनी रोगी और डोनर को कहां-कहां भर्ती किया गया इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं।
कानपुर, मेरठ से डॉक्टर व टेक्नीशियन को उठाया
किडनी प्रकरण में पुलिस ने कानपुर और मेरठ से दो को उठाया है। इसमें एक डॉक्टर और दूसरा टेक्नीशियन बताया जा रहा है। दोनों पर डोनर और रिसीवर की सेटिंग कराने का आरोप है। पुलिस की टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि जो भी नाम सामने आ रहे हैं उनकी जांच की जा रही है।
ओटी मैनेजर डॉ. अली ने सहयोगियों के साथ मिलकर किया था किडनी ट्रांसप्लांट
कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण की जांच कर रही पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। अब तक जिस डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी को यूरो सर्जन बताया जा रहा था वह असल में ओटी मैनेजर निकला। उसने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध ट्रांसप्लांट किया था।