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हैदराबाद में इलाज के अभाव में बेटे की मौत, मां अर्थी को भटक रही
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लॉकडाउन की वजह से एक मां अपने जवान बेटे की अर्थी हैदराबाद से लाने के लिए दर-दर भटकती रही। बेटा लॉकडाउन से पहले नौकरी करने गया था। काम बंद होने से उसके पास इतना भी पैसा नहीं बचा कि वह अपना पीलिया का इलाज करा सकता। सोमवार को उसकी मौत हो गई।
आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित पटकापुर निवासी निशा सिंह का बड़ा बेटा सुरेंद्र प्रताप सिंह (30) हैदराबाद एक प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस में काम करने गया था। लॉकडाउन की वजह से सुरेंद्र का सिक्योरिटी का काम बंद हो गया। इसी बीच उसे पीलिया हो गया। काम बंद होने से उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वह इलाज करा पाता। आखिरकार सोमवार को उसकी मौत हो गईं। यह खबर जैसे ही मां को मिली, वह बेटे की अर्थी लाने के लिए परेशान हो इधर-उधर भागने लगी।
निशा सिंह का दूसरा बेटा शुभम सिंह भी दिल्ली के पास खापरखेड़ा में लॉकडाउन की वजह से फंसा हुआ है। निशा के पति मानसिक बीमार हैं। थक हारकर निशा शाम को जिलाधिकारी आवास पहुंची और बेटे की अर्थी मंगवाने की बात कही। जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने आश्वासन दिया कि आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अपने निवास जौनपुर में फंसे सिक्योरिटी कंपनी के मालिक अशोक पांडेय ने देर शाम अपने सुपरवाइजर के माध्यम से सुरेंद्र की अर्थी को कानपुर लाने की व्यवस्था शुरू कर दी। इसकी जानकारी सांसद सत्यदेव पचौरी और गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी को भी दे दी गई। इन लोगों ने भी सहयोग की बात कही है। डीएम आवास में भोजन वितरण के संबंध में वार्ता करने गए संत मिश्र, मुकुंद मिश्र और टीकमचंद सेठिया ने भी निशा को मदद का आश्वासन दिया।
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आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित पटकापुर निवासी निशा सिंह का बड़ा बेटा सुरेंद्र प्रताप सिंह (30) हैदराबाद एक प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस में काम करने गया था। लॉकडाउन की वजह से सुरेंद्र का सिक्योरिटी का काम बंद हो गया। इसी बीच उसे पीलिया हो गया। काम बंद होने से उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वह इलाज करा पाता। आखिरकार सोमवार को उसकी मौत हो गईं। यह खबर जैसे ही मां को मिली, वह बेटे की अर्थी लाने के लिए परेशान हो इधर-उधर भागने लगी।
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निशा सिंह का दूसरा बेटा शुभम सिंह भी दिल्ली के पास खापरखेड़ा में लॉकडाउन की वजह से फंसा हुआ है। निशा के पति मानसिक बीमार हैं। थक हारकर निशा शाम को जिलाधिकारी आवास पहुंची और बेटे की अर्थी मंगवाने की बात कही। जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने आश्वासन दिया कि आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अपने निवास जौनपुर में फंसे सिक्योरिटी कंपनी के मालिक अशोक पांडेय ने देर शाम अपने सुपरवाइजर के माध्यम से सुरेंद्र की अर्थी को कानपुर लाने की व्यवस्था शुरू कर दी। इसकी जानकारी सांसद सत्यदेव पचौरी और गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी को भी दे दी गई। इन लोगों ने भी सहयोग की बात कही है। डीएम आवास में भोजन वितरण के संबंध में वार्ता करने गए संत मिश्र, मुकुंद मिश्र और टीकमचंद सेठिया ने भी निशा को मदद का आश्वासन दिया।
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