Kanpur Greenbelt: ढाई करोड़ की हरियाली पर फिरा पानी, किदवई नगर में सूख रहे पौधे, रसूखदारों ने किया अवैध कब्जा
Kanpur News: किदवई नगर में ढाई करोड़ की लागत से बनी साढ़े तीन किमी लंबी ग्रीनबेल्ट रखरखाव और सिंचाई के अभाव में सूख रही है। रेलिंग तोड़कर नर्सिंगहोम और रेस्टोरेंट संचालकों ने अवैध रास्ते व पार्किंग बना ली है, जबकि नगर निगम अफसर सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
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कानपुर नगर निगम की लापरवाही से भीषण गर्मी में किदवईनगर ग्रीनबेल्ट में पेड़-पौधे सूखने लगे हैं। कई जगह रेलिंग टूटने से इसमें छुट्टा मवेशी घुसने लगे हैं। नर्सिंगहोम, रेस्टोरेंट, दुकानदारों ने पांच से ज्यादा स्थानों पर ग्रीनबेल्ट उजाड़कर आने-जाने का रास्ता और पार्किंग बना ली है। खास बात यह है कि देखरेख करने वाले ठेकेदार को अनुबंध छह माह पहले खत्म हो गया था। हालांकि, अभी तक नगर निगम ने न तो ठेका दिया और न ही माली की व्यवस्था की।
नगर निगम ने ढाई साल पहले ढाई करोड़ की लागत से किदवईनगर ग्रीनबेल्ट (बाबाकुटी चौराहे से यशोदानगर तक) विकसित की थी। ब्लाॅकवार बनाई गई इस साढ़े तीन किलोमीटर लंबी ग्रीनबेल्ट में सिंचाई के लिए सबमर्सिबलों की बोरिंग भी कराई गई थी। इसमें पौधे लगाने वाले ठेकेदार की दो साल तक रखरखाव की भी जिम्मेदारी थी। साढ़े तीन किमी लंबी इस ग्रीनबेल्ट में मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए गए थे जो नियमित रूप से सिंचाई और रखरखाव होने से मिनी जंगल का रूप लेने लगा था।
ग्रीनबेल्ट की उपेक्षा और दुर्दशा का पता चला
इसी बीच अनुबंध पूरा होने पर छह महीने पहले ठेकेदार ने अपने मालियों को हटा लिया। इसके बाद नगर निगम ने न तो अपने माली इस ग्रीनबेल्ट में लगाए और न ही वहां लगे पेड़-पौधों में पानी डालने और उनके रखरखाव का दोबारा ठेका दिया। अमर उजाला की पड़ताल में नगर निगम की तरफ से की जा रही इस ग्रीनबेल्ट की उपेक्षा और दुर्दशा का पता चला। सबसे बुरी हालत किदवईनगर 40 दुकान के सामने इस ग्रीनबेल्ट की है। वहां स्थित हनुमान मंदिर के सामने ग्रीनबेल्ट की रेलिंग तीन जगह टूटी है।
ग्रीनबेल्ट तोड़कर आवागमन का रास्ता बना लिया
इसमें से दो जगह बांस लगाए गए थे, वे भी इस तरह लगे हैं कि आराम से लोगों के साथ ही मवेशी अंदर चले जाते हैं। कुछ लोग वहां कूड़ा भी फेंकने लगे हैं। वहां से किदवईनगर एच-ब्लाॅक शनिदेव मंदिर चौराहे के बीच ग्रीनबेल्ट में ही अवैध रूप से कब्जा कर मवेशी पाले जा रहे हैं। शनिदेव मंदिर से यशोदानगर की तरफ एच-ब्लाॅक में ही एक नर्सिंगहोम ने ग्रीनबेल्ट तोड़कर आवागमन का रास्ता बना लिया है।
ग्रीन बेल्ट में तमाम पौधे सूख गए हैं
उससे करीब 200 मीटर दूर एक रेस्टोरेंट संचालक ने ग्रीनबेल्ट उजाड़ने के साथ ही रेलिंग तोड़कर ग्राहकों के आने जाने का रास्ता बना लिया है। वहां इसे पार्किंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उसके आगे एक जन औषधि केंद्र संचालक ने भी ग्रीनबेल्ट तोड़कर आवागमन का रास्ता बनाया। उसी के पास एक कार गैराज संचालक भी कारें खड़ी करने लगा है। इस ग्रीन बेल्ट में तमाम पौधे सूख गए हैं। कई अन्य के पत्ते सूखते नजर आए पर नगर निगम के अफसर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हैं।
पृथ्वी दिवस पर नगर आयुक्त ने किया पौधरोपण, फिर भी उपेक्षा
22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, नगर निगम के मुख्य अभियंता एसएफए जैदी, उद्यान विभाग के प्रभारी दिवाकर भास्कर आदि अधिकारियों के साथ ही स्कूली बच्चों ने इसी ग्रीनबेल्ट में बाबाकुटी चौराहे के पास पौधरोपण किया। इसके बावजूद यह ग्रीनबेल्ट नगर निगम अफसरों की उपेक्षा का शिकार है। इलाकाई लोगों का कहना है कि यही हालत रही तो जितने पौधे लगाए गए थे, वे सभी सूख जाएंगे। अवैध कब्जे भी बढ़ते जाएंगे।
ये ग्रीनबेल्ट भी हैं उपेक्षा का शिकार
बर्रा में शास्त्री चौक से सचान चौराहा, सचान चौराहे से गुलमोहर विहार पुलिया ग्रीनबेल्ट, फजलगंज चौराहे से मरियमपुर चौराहा ग्रीनबेल्ट, जीटी रोड में रामादेवी से गोलचौराहा ग्रीनबेल्ट, विजयनगर से डबल पुलिया ग्रीनबेल्ट, शास्त्री चौक से बर्रा-आठ ग्रीनबेल्ट।
किदवईनगर ग्रीनबेल्ट में पेड़-पौधों के रखरखाव की ठेका अवधि खत्म हो गई है। यदि पेड़ सूख रहे हैं, जालियां टूटी हैं और इन्हें तोड़कर अवैध कब्जे किए गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सिंचाई के लिए टैंकर लगाया है। जल्द ही माली भी लगाऊंगा। -दिवाकर भास्कर, अधिशासी अभियंता (पर्यावरण), प्रभारी-उद्यान विभाग