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कानपुर: ‘35-40 परिवारों ने 80 करोड़ को गरीब बनाया’, शिव खेड़ा बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी ने किया आंदोलन

Sat, 19 Sep 2026 12:39 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 19 Sep 2026 12:39 AM IST
सार

Kanpur News: विख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा ने एएसआईएससी के वार्षिक सम्मेलन में प्रधानाचार्यों को बच्चों के मार्गदर्शन का पाठ पढ़ाया। वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान वे बेईमानी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ जेन-जी  के आंदोलन के समर्थन में मजबूती से खड़े नजर आए और देश की व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए।

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Kanpur 35 40 families impoverished 80 crore people Shiv Khera says Gen Z launched movement against corruption
मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर मे विख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा ने कहा कि जेन-जी का आंदोलन चोरी, बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। जेन-जी और करता ही क्या क्योंकि 10-15 साल से पेपर ही लीक हो रहे हैं। दफ्तर में जाने पर इंसाफ नहीं मिलता है। ऐसे में क्या करें जेन-जी... क्या मार खाते रहें। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने आए शिव खेड़ा ने मीडिया से यह भी कहा, कुछ लोग कहते हैं आंदोलन करने वाले जेन-जी नहीं, दूसरे वाले हैं।

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मेरे बच्चे जेन-जी हैं, उनके साथ मैं भी हूं और पड़ोसी भी। सब देश के लिए खड़े हैं। नेपाल में भी जेन-जी ने हक के लिए लड़ाई लड़ी। भगवान राम ने भी अपने परिवार की इज्जत के लिए युद्ध किया। बेहद आक्रामक नजर आ रहे शिव खेड़ा ने सख्त लहजे में कहा कि देश के 35-40 परिवारों ने 80 करोड़ लोगों को गरीब और भिखारी बना रखा है। सिर्फ एक आदमी ऊपर ईमानदार हो जाएगा, तो पूरा देश दो मिनट में ठीक हो जाएगा।

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बंटने के खिलाफ नारा देने वाले ही लोगों को बांट रहे
देश इंसाफ चाहता है, खैरात नहीं। पहले जिनकी औकात 10 रुपये की नहीं थी, वे 10 साल में 10 हजार करोड़ लेकर आ गए हैं। राम मंदिर में लूट हो रही है, ये क्या तमाशा है। आरक्षण के सवाल पर वे बोले कि बंटवारे की राजनीति चल रही है। बंटने के खिलाफ नारा देने वाले ही लोगों को बांट रहे हैं। हम बस या ट्रेन में बैठते हैं, तो पास के यात्री से जाति नहीं पूछते हैं।

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प्रिपेयर देम डोंट रिपेयर देम
कहा कि राजस्थान में 1999 में जाटों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की बात कहकर चुनाव जीत लिया जाता है और आज तक जाट पिछड़ा वर्ग में नहीं हुआ। एआई के सवाल पर जवाब दिया कि टेक्नोलॉजी और टेक्नीशियन बदलते रहेंगे। आज एआई है कल बीआई, सीआई और डीआई होगा। हमने आगे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रोग्राम बनाया है कि प्रिपेयर देम डोंट रिपेयर देम।

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छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें
एएसआईएससी के वार्षिक सम्मेलन में शिव खेड़ा ने प्रधानाचार्यों को दिया नेतृत्व, संवाद और संस्कार का संदेश
कानपुर। विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संवाद कौशल विकसित करने पर विद्यालयों को विशेष ध्यान देना चाहिए।

विजेता अलग काम नहीं करते, बल्कि काम करने का तरीका अलग रखते
यह बात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा ने हेड टू हार्ट विषय एएसआईएससी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के वार्षिक सम्मेलन में प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए कही। बिठूर स्थित एक होटल में आयोजित सम्मेलन में शिव खेड़ा ने कहा कि नेतृत्व सबसे बड़ी चुनौती है। जो व्यक्ति नेतृत्व की क्षमता रखता है, उसमें साहस भी होता है। उन्होंने कहा कि विजेता अलग काम नहीं करते, बल्कि काम करने का तरीका अलग रखते हैं।

सही दिशा और संस्कार देना भी जरूरी
विद्यार्थियों को निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता काफी हद तक हमारे चुनाव पर निर्भर करती है। एक बार की गलती असफलता नहीं होती लेकिन बार-बार जानबूझकर की गई गलती परेशानी का कारण बनती है। प्रधानाचार्यों से कहा कि संभव है कि उनके विद्यालय से पढ़कर निकला कोई विद्यार्थी आगे चलकर देश का प्रधानमंत्री बने। इसलिए विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ सही दिशा और संस्कार देना भी जरूरी है।

कई लोग अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते
शहर में पहली बार हुए एएसआईएससी के 26वें सम्मेलन में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 300 स्कूलों के प्रिंसिपल शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ एएसआईएससी उपाध्यक्ष शरणजीत कौर एवं मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर टी. रजनीश ने किया। शिव खेड़ा ने कहा कि आज के समय में संवाद कौशल बहुत महत्वपूर्ण है। आत्मविश्वास की कमी के कारण कई लोग अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते। कार्यक्रम में वरिष्ठ अतिथि शरणजीत कौर, वनिता मेहरोत्रा, शर्मिला नंदी, फादर थॉमस कुमार, सुषमा मंडल आदि मौजूद रहे।

डिजिटल अनुशासन के साथ देश सेवा की भावना जरूरी
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर टी. रजनीश ने कहा कि आज के समय में स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल अनुशासन जरूरी है। तकनीक का इस्तेमाल सीखने और विकास के लिए हो, इसके लिए बच्चों को सही मार्गदर्शन देना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह शिक्षा भी देनी चाहिए कि देश सेवा अपनी सेवा से पहले है।

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