Kanpur: हार्ट अटैक से पांच, ब्रेन अटैक से तीन की जान गई, कॉर्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 105 रोगी आए
न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि लक्षण आते ही रोगियों को तुरंत अस्पताल लाया जाना चाहिए। रोगियों का तीन घंटे के अंदर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। अमूमन रोगी पांच-छह घंटे में अस्पताल पहुंच पाते हैं।
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कानपुर में ठंड में अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से लोगों को हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक पड़ रहा है। एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में शनिवार को 105 रोगी आए। इनमें 72 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। हार्ट अटैक पड़ने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचे रोगियों को टेनेक्टीप्लेज का इंजेक्शन दिया गया। इन रोगियों की जान बच गई।
हार्ट अटैक से पांच रोगियों की मौत हुई है और ब्रेन अटैक से तीन रोगियों की जान गई। हैलट इमरजेंसी और निजी अस्पतालों में ब्रेन अटैक के 12 रोगी भर्ती किए गए हैं। कार्डियोलॉजी में दो रोगियों की बाईपास सर्जरी और दो के हार्ट के वाल्व बदले गए। कार्डियोलॉजी में एक रोगी की मौत हो गई। रोगी को हार्ट अटैक पड़ने के बाद गंभीर हालत में भर्ती किया गया था। चार रोगी मृतावस्था में अस्पताल लाए गए।
कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी और ओपीडी में कुल 1047 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। कार्डियोलॉजी के सीवीटीएस विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि दो रोगियों के बाईपास सर्जरी की गई है। इनकी सभी आर्टरी में ब्लॉकेज था। हैलट में ब्रेन अटैक के छह रोगी भर्ती किए गए। निजी अस्पतालों में भी छह रोगियों को भर्ती किया गया है। न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि लक्षण आते ही रोगियों को तुरंत अस्पताल लाया जाना चाहिए। रोगियों का तीन घंटे के अंदर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। अमूमन रोगी पांच-छह घंटे में अस्पताल पहुंच पाते हैं।