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Kanpur Fire Case: पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की तैयारी, बकरियों के अवशेष तलाश रहा खुफिया विभाग

Thu, 16 Feb 2023 10:37 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 16 Feb 2023 10:37 PM IST
सार

चालहा गांव में हुई मां-बेटी की जलकर मौत की घटना में पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए एसडीएम और बीडीओ ने गांव पहुंचकर परिजनों से दस्तावेज लिए हैं। वहीं, खुफिया विभाग बकरियों के अवशेष तलाश रहा है।

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Kanpur Fire Case, Preparing to give benefits of government schemes to the victims family
kanpur fire case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात अग्निकांड के पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की कवायद तेज हो गई है। गुरुवार को एसडीएम मैथा और बीडीओ अकबरपुर मड़ौली गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के साथ ही आवास, भूमि का पट्टा व पेंशन आदि का लाभ देने के लिए अर्जी और दस्तावेज लिए हैं।

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डीएम नेहा जैन के आदेश पर एसडीएम मैथा डॉ. जितेंद्र कटियार और अकबरपुर बीडीओ धन प्राप्त यादव दोपहर में मड़ौली गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रमिला के पति कृष्ण गोपाल, बेटों शिवम व अंश से बात की। घटना पर दुख जताते हुए कहा कि आवास, जमीन का पट्टा और पेंशन आदि सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना है।
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इसके लिए अर्जी व दस्तावेज उन्हें चाहिए। पीड़ित परिवार से दस्तावेज लेने के बाद अफसरों ने सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि चालहा गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान झोपड़ी में जलकर मां-बेटी की मौत हो गई थी।

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बकरियों के अवशेष तलाश रहा खुफिया विभाग
वहीं, चालहा गांव में मां बेटी के साथ 22 बकरियों की भी जलकर मौत होने की बात बेटे शिवम ने कही थी। अब खुफिया विभाग और पुलिस कर्मी झोपड़ी की राख में बकरियों के अवशेष तलाश कर रहे हैं।

सूत्रों की मानें को घटनास्थल पर जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को बकरियों के अवशेष नहीं मिले है। अब पुलिस और खुफिया विभाग के कर्मचारी गुपचुप तरीके से झोपड़ी की राख को इधर-उधर करके अवशेष ढूंढ रहे हैं, ताकि साफ हो सके कि आग से जलकर इतनी संख्या में बकरियों की मौत हुई है या नहीं। 

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