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कानपुर: हैलट में 250 कोरोना मरीजों के इलाज का ब्योरा गुम, अब अलग-अलग भर्ती किए जाएंगे मरीज, होगी बार कोडिंग

Sun, 04 Jul 2021 04:14 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 04 Jul 2021 04:14 PM IST
सार

प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जब जांच- पड़ताल शुरू की और रोगियों की जानकारी ली तो इसका पर्दाफाश हुआ। हालांकि, इन रोगियों का डाटा स्टेट कोविड पोर्टल पर दर्ज है।

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Kanpur: Details of treatment of 250 corona patients are missing in Halat, now patients will be admitted separately
हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में खेल के बीच हैलट अस्पताल की एक और लापरवाही का खुलासा हुआ है। यहां भर्ती रहे 250 कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का ब्योरा यानी बीएचटी (बेड हेड टिकट) गुम हो गया है। इससे मरीज और उसके इलाज के संबंध में कुछ पता ही नहीं चलेगा। यह भी साबित नहीं हो पाएगा कि मरीज हैलट में भर्ती रहा या नहीं?
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इनमें से कुछ ऐसे भी हो सकते हैं, जिनकी मौत हो गई। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का ब्योरा गुम होने का यह मामला अभी तक किसी संज्ञान में नहीं था। नए प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जब जांच- पड़ताल शुरू की और रोगियों की जानकारी ली तो इसका पर्दाफाश हुआ। हालांकि, इन रोगियों का डाटा स्टेट कोविड पोर्टल पर दर्ज है।
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लेकिन, इनके संबंध में शासन से कोई जानकारी मांगी जाएगी तो हैलट प्रबंधन कुछ भी नहीं बता पाएगा। साथ ही बीएचटी न होने से रोगियों और उनके परिजनों को भी तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। किसी योजना का लाभ लेना होगा तो उनके अस्पताल में भर्ती होने का कोई सुबूत नहीं मिलेगा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि तीन सौ बीएचटी का पता नहीं था, लेकिन 50 मिल गई हैं।
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ढाई सौ बीएचटी अभी भी गुम हैं। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी बीएचटी तलाशेगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए रोगियों की बार कोडिंग की जाएगी। कोविड, नॉन कोविड और सामान्य रोगी की बीएचटी का रंग अलग रहेगा। इससे किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

अब मेडिसिन और चेस्ट में भर्ती होंगे संक्रमित
स्थिति के मद्देनजर प्राचार्य ने नई व्यवस्था कर दी है। कोरोना संक्रमित मरीज अब मेडिसिन विभाग या फिर चेस्ट में भर्ती किए जाएंगे। अभी तक मरीज अलग-अलग विभागों में भर्ती किए जा रहे थे। इसका नतीजा यह हुआ कि बीएचटी गुम हो गईं। इससे रोगियों और उनके परिजनों को तकलीफ का सामना करना पड़ेगा।

हैलट में सिर्फ लेवल थ्री रोगी होंगे भर्ती
प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज के कोविड प्रभारियों की बैठक ली और उन्हें जिम्मेदारी के बारे में बताया।  साथ ही तय किया गया कि हैलट में लेवल थ्री रोगी ही भर्ती होंगे। आईसीयू के दो सौ बेड होंगे। इनके भरने के बाद रोगियों को नहीं लिया जाएगा। संसाधनों के लिए सरकार से आठ करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
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