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कानपुर देहात : अपहरण के बाद हत्या में पिता पुत्र को आजीवन कारावास
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कानपुर देहात। सजेती के कोहरा गांव में नौ साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार को पिता पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। युवक ने आरोपियों को 15 हजार रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में चल रही थी।
कोहरा गांव निवासी राम प्रताप सिंह 15 नवंबर 2011 को रवाईपुर में मेला देखने गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। उसकी सदरी, बैंक पासबुक गांव के बाहर रास्ते में पड़ी मिली थी।
खोजबीन करने के दौरान 18 नवंबर को गांव के सत्यनारान के ट्यूबवेल के कुएं में उसका शव मिला था। इस घटना में राम प्रताप के भाई राम मनोहर सिंह ने पुलिस में तहरीर देकर बताया था कि गांव के राजीव उर्फ छोटू ने भाई से 15 हजार रुपये दो वर्ष पहले लिए थे।
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इसके बाद वापस नहीं कर रहा था। कई बार तगादा करने से वह रंजिश मानता था। मेले में भाई ने उससे तगादा किया तो राजीव ने पिता गुरु प्रसाद व एक रिश्तेदार रमेश के साथ मिलकर उसका अपहरण कर हत्या कर दी। तीनों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव के कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद आरोपी रमेश को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। जबकि पिता पुत्र को आजीवन कारावास व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह ने बताया कि राजीव उर्फ छोटू न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया है।
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कोहरा गांव निवासी राम प्रताप सिंह 15 नवंबर 2011 को रवाईपुर में मेला देखने गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। उसकी सदरी, बैंक पासबुक गांव के बाहर रास्ते में पड़ी मिली थी।
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खोजबीन करने के दौरान 18 नवंबर को गांव के सत्यनारान के ट्यूबवेल के कुएं में उसका शव मिला था। इस घटना में राम प्रताप के भाई राम मनोहर सिंह ने पुलिस में तहरीर देकर बताया था कि गांव के राजीव उर्फ छोटू ने भाई से 15 हजार रुपये दो वर्ष पहले लिए थे।
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इसके बाद वापस नहीं कर रहा था। कई बार तगादा करने से वह रंजिश मानता था। मेले में भाई ने उससे तगादा किया तो राजीव ने पिता गुरु प्रसाद व एक रिश्तेदार रमेश के साथ मिलकर उसका अपहरण कर हत्या कर दी। तीनों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव के कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद आरोपी रमेश को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। जबकि पिता पुत्र को आजीवन कारावास व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह ने बताया कि राजीव उर्फ छोटू न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया है।