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Kanpur: रिटायर्ड ईपीएफओ अधिकारी से ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल अरेस्ट कर लिए थे 82.30 लाख रुपये
Sat, 14 Jun 2025 07:55 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 14 Jun 2025 07:55 PM IST
सार
Kanpur News: रिटायर्ड ईपीएफओ अधिकारी से ठगी करने का आरोपी देवरिया से पकड़ा गया। गिरोह के तीन सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 82.30 रुपये की ठगी करने के आरोपी को साइबर क्राइम टीम ने देवरिया से पकड़ा है। उसकी पहचान धीरज पासवान के रूप में हुई है। उसके तीन साथी पहले ही जेल जा चुके हैं। आरोपियों की मुलाकात फ्री फायर गेम के जरिये हुई और उन्होंने ठगी का काम शुरू कर दिया।
बता दें, पनकी निवासी विनोद कुमार झा ने इसी साल छह अप्रैल को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश की, जिसमें रौबी कुमार, जितेंद्र कुमार, रविंद्र सिंह को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में धीरज पासवान की जानकारी दी। वह रुपयों को दूसरे के अकाउंट में ट्रांसफर करने और उसको क्रिप्टो करंसी खरीदने का कार्य करता था। इंस्पेक्टर सुनील वर्मा ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपियों ने यू-ट्यूब से ठगी करना सीखा है।
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बता दें, पनकी निवासी विनोद कुमार झा ने इसी साल छह अप्रैल को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश की, जिसमें रौबी कुमार, जितेंद्र कुमार, रविंद्र सिंह को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में धीरज पासवान की जानकारी दी। वह रुपयों को दूसरे के अकाउंट में ट्रांसफर करने और उसको क्रिप्टो करंसी खरीदने का कार्य करता था। इंस्पेक्टर सुनील वर्मा ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपियों ने यू-ट्यूब से ठगी करना सीखा है।
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साइबर अपराध।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
रुपयों को लगाता था ठिकाने
साइबर क्राइम की टीम को आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह रुपयों को ठिकाने लगाने का कार्य करता था। उसने स्पाइस मनी का अकाउंट खुलवाया था। वहां से वह राशि को क्रिप्टो करेंसी और शेयर मार्केट में लगाता था। कुछ दिन बाद रुपयों का आपस में बंटवारा होता था। धीरज पासवान देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र परास गांव का रहने वाला है। उसके पास से आईफोन और अन्य मोबाइल मिला है।
तीन लाख से अधिक फॉलोवर
इंस्पेक्टर ने बताया कि धीरज पासवान यू-ट्यूबर था। उसके कई शॉर्ट वीडियो हैं। चैनल के तीन लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। उसने ठगी के खेल में आने पर चैनल को बेचने की तलाश शुरू कर दी थी। कुछ वीडियो में जानकारी परख सूचनाएं दी गई हैं।
साइबर क्राइम की टीम को आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह रुपयों को ठिकाने लगाने का कार्य करता था। उसने स्पाइस मनी का अकाउंट खुलवाया था। वहां से वह राशि को क्रिप्टो करेंसी और शेयर मार्केट में लगाता था। कुछ दिन बाद रुपयों का आपस में बंटवारा होता था। धीरज पासवान देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र परास गांव का रहने वाला है। उसके पास से आईफोन और अन्य मोबाइल मिला है।
तीन लाख से अधिक फॉलोवर
इंस्पेक्टर ने बताया कि धीरज पासवान यू-ट्यूबर था। उसके कई शॉर्ट वीडियो हैं। चैनल के तीन लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। उसने ठगी के खेल में आने पर चैनल को बेचने की तलाश शुरू कर दी थी। कुछ वीडियो में जानकारी परख सूचनाएं दी गई हैं।