Kanpur: बोगस फर्म बनाई...गार्ड का पैन इस्तेमाल कर की गई गड़बड़ी, एक फरवरी को मिला पंजीकरण, चार को हो गई बंद
Kanpur News: हंसपुरम में किराये के मकान में रहने वाले ओमजी को 21 अगस्त को विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया था, जो 32 पेज का था। तीन करोड़ 14 लाख से ज्यादा का नोटिस दिया गया था। इस नोटिस से पहले उन्हें एक पेज का समन भेजा गया था।
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कानपुर के काकादेव कोचिंग में गार्ड के रूप में काम करने वाले ओमजी शुक्ला को दिल्ली के सीजीएसटी विभाग की ओर से मिले तीन करोड़ से अधिक के टैक्स का नोटिस देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि पंजीकरण मिलने के तीन दिन बाद खुद संचालक ने फर्म बंद करवा दी। तीन करोड़ से ज्यादा की आईटीसी का दावा भी किया गया। फर्म ने केवल एक अन्य फर्म के साथ एक साल में ही 17 करोड़ से ज्यादा के कपड़ों की खरीद-फरोख्त की। माना जा रहा है कि बोगस फर्म बनाकर और पीड़ित का पैन इस्तेमाल करके गड़बड़ी की गई।
उन्हें नोटिस देने से पहले विभाग ने दिल्ली स्थित फर्म के बैंक खातों की जानकारी के लिए संबंधित निजी बैंक से पत्राचार किया था। हंसपुरम में किराये के मकान में रहने वाले ओमजी को 21 अगस्त को विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया था, जो 32 पेज का था। तीन करोड़ 14 लाख से ज्यादा का नोटिस दिया गया था। इस नोटिस से पहले उन्हें एक पेज का समन भेजा गया था। ओमजी ने बताया कि वह कभी भी दिल्ली नहीं गए। जब नोटिस आया तो कुछ समझ में नहीं आया। उनका बैंक खाता न्यूनतम बैलेंस के कारण बंद है। सैलरी मां सुषमा शुक्ला के खाते में आती थी।
सीए बोले- नोटिस का जवाब देंगे
पैन कार्ड कभी किसी को नहीं दिया। सात महीने से वह गार्ड का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नोटिस की जानकारी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा को दी तो उनके साथ सोमवार को सीजीएसटी कानपुर कार्यालय के कमिश्नर से मुलाकात की। कमिश्नर ने कहा था कि जहां से भी नोटिस आया है उसका जवाब जरूर दें। अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दें और विभागीय अफसरों से जांच कराने के लिए कहें। ज्ञानेश के साथ गार्ड ने मंगलवार को वरिष्ठ सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव से मुलाकात की। धर्मेंद्र कहा कि वह नोटिस का जवाब देंगे। उन्हें सीए ने मदद का भरोसा दिलाया।