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UP: दंड स्वीकार करते हुए एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने डीएम को लिखा पत्र, व्यवस्था पर उठाए सवाल
Sun, 19 Jul 2026 03:15 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, जालौन
अमर उजाला नेटवर्क, जालौन
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:15 PM IST
सार
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) उरई रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी जालौन को पत्र लिखा है। उन्होंने दंड स्वीकार करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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रिंकू सिंह राही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) उरई रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी जालौन को पत्र लिखकर उन्हें दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि (दंड) स्वीकार कर ली है। 5 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में उन्होंने दंड स्वीकार करने के साथ तहसील जालौन में अपने कार्यकाल के दौरान सामने आई प्रशासनिक कमियों, संसाधनों के अभाव और कार्य व्यवस्था की खामियों का विस्तृत उल्लेख किया है।
पत्र में रिंकू सिंह राही ने लिखा है कि उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था का वह स्वागत करते हैं, लेकिन यदि यही सिद्धांत सभी स्तरों पर समान रूप से लागू हो तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।
उन्होंने अभिलेखों की अनुपलब्धता, कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति, लेखपालों की कार्यशैली, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में कार्रवाई में आने वाली बाधाओं, व्हाट्सएप समूहों के संचालन, प्रशासनिक निरंतरता और मूलभूत संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे उठाए हैं।
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पत्र में रिंकू सिंह राही ने लिखा है कि उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था का वह स्वागत करते हैं, लेकिन यदि यही सिद्धांत सभी स्तरों पर समान रूप से लागू हो तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।
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उन्होंने अभिलेखों की अनुपलब्धता, कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति, लेखपालों की कार्यशैली, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में कार्रवाई में आने वाली बाधाओं, व्हाट्सएप समूहों के संचालन, प्रशासनिक निरंतरता और मूलभूत संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे उठाए हैं।
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उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कई बार निर्देश देने के बावजूद अपेक्षित सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में कठिनाइयां आईं। इन परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने दंड स्वीकार किया और पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष जिलाधिकारी के समक्ष विस्तार से रखा।