Irfan Solanki: चौथी बार टला आगजनी मामले का फैसला, कोर्ट ने चार अप्रैल का दिन किया नियत, ये है वजह
Kanpur News: डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि गुरुवार को अदालत ने आदेश पूरा न लिखे जा पाने के कारण फैसले के लिए अब चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी है।
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कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में फैसला चौथी बार फिर टल गया है। एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने फैसले की तारीख चार अप्रैल को नियत कर दी है। जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक प्लॉट में रहने वाली नजीर फातिमा के घर में सात नवंबर 2022 को आग लग गई थी।
मामले में इरफान, रिजवान, मो. शरीफ, शौकत अली व इजराइल आटे वाला के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। इरफान के अलावा रिजवान, शौकत अली व इसराइल आटे वाला कानपुर जेल में ही बंद हैं। जबकि जमानत मिलने के बाद मोहम्मद शरीफ की जेल से रिहाई हो चुकी है।
अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस एक मार्च को पूरी हो गई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 14 मार्च की तारीख नियत की थी। 14 को शरीफ और शौकत को नई जमानतें दाखिल करने के लिए समय दिया गया था और 19 मार्च की तारीख नियत कर दी गई थी। 19 मार्च को न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण फैसला टल गया था।
कोर्ट ने चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी
22 मार्च की तारीख फैसले के लिए नियत की गई थी। बहस सुनने के बाद 14 दिन में फैसला न सुना पाने के कारण फाइल दोबारा बहस पर चली गई थी और 22 मार्च को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दोबारा संक्षिप्त बहस सुनकर फैसले के लिए 28 मार्च की तारीख नियत की थी। डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि गुरुवार को अदालत ने आदेश पूरा न लिखे जा पाने के कारण फैसले के लिए अब चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी है।