Indian Railway: अब टीटीई नहीं बेच सकेंगे खाली सीटें, हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन से एक-एक सीट का ब्योरा रहेगा ऑनलाइन
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को एचएचटी (हैंड हेल्ड टर्मिनल) के माध्यम से सीट खाली होने पर ट्रेन में ही रिजर्वेशन की सुविधा प्रदान कर दी है। यही नहीं, श्रमशक्ति एक्सप्रेस की खाली सीटें अब टीटीई चोरी छिपे बेच नहीं पाएंगे। एचएचटी मशीन मिलने से एक-एक सीट का ब्योरा ऑनलाइन रहेगा।
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कानपुर रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस के बाद शनिवार को श्रमशक्ति एक्सप्रेस के टिकट चेकिंग दल (टीटीई) को भी रेलवे ने हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनें दे दी हैं। टीटीई अब इन्हीं मशीनों की मदद से खाली सीटें बुक करेेंगे। इससे पूरा ब्योरा रेलवे के पास भी पहुंच जाएगा। पहले चोरीछिपे सीटें बेचकर पैसा अपने पास रख लेने की शिकायतें आती रहती थीं। इसके अलावा खाली सीट ऑनलाइन दिखाने के कारण करंट काउंटर से भी इन सीटों की बुकिंग की जा सकेगी।
इस नई व्यवस्था के तहत जिसकी वेटिंग होगी, चार्ट बनने के बाद उसे ही चलती ट्रेन में सीट देनी होगी। टीटीई को भी अतिरिक्त किराये का आकलन करने में गणित नहीं लगानी होगी। मशीन पर एक क्लिक करते ही उसे पता किराया पता चल जाएगा। अभी उत्तर मध्य रेलवे के 1018 चेकिंग स्टाफ को मशीनें दी गई हैं। दो-तीन महीने में सभी ट्रेनों के चेकिंग दल को मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि मशीनों के मिलने से वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को आसानी होगी। चार्ट बनने के बाद वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को सीट उपलब्ध करा दी जाएगी। सीट खाली होने पर वेटिंग और आरएसी कंफर्म होने पर यात्रियों की विस्तृत जानकारी मशीन पर अपलोड करनी होगी।
ट्रेन छूटने के 15 मिनट पहले का चार्ट होगा अपडेट
हैंड हेल्ड मशीन रेलवे के इंटरनेट सर्वर से कनेक्ट होगी। पीआरएस सिस्टम से जुड़े होने की वजह से ट्रेन छूटने के पहले तक करंट काउंटर से बिके टिकटों का भी अंतिम अपडेट मशीन में होगा। ट्रेन के चलने पर अगले स्टेशन से पहले तक की खाली सीटों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे अगले स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के पहले करंट काउंटर से भी सीटों की बुकिंग हो सकेगी।
अभी तक आरक्षण चार्ट ट्रेन चलने के तीन घंटे पहले छपता था और ट्रेन में चस्पा किया जाता था। तब तक किसी यात्री की ट्रेन छूटने या बाद में टिकट रद्द करने पर खाली सीटों को टीटीई मर्जी से बेचते थे। कोच में यात्रा कर रहे डॉक्टर और वीआईपी यात्रियों की जानकारी भी मशीन पर होगी। भविष्य में ऑनलाइन भुगतान भी इसी मशीन के माध्यम से लिया जा सकेगा।