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अमृतसर ट्रेन हादसाः इंतजार था दिवाली पर घर आने का, आई दो युवकों की मौत की खबर

Mon, 22 Oct 2018 07:36 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 22 Oct 2018 07:36 AM IST
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in Amritsar Train Accident on Dussehra unnao habitant two youngmen lost his life
मृतक रामशंकर का फाइल फोटो, मृतक सर्वेश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अमृतसर में ट्रेन हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के दो युवक भी शामिल हैं। एक युवक बिहार थाना क्षेत्र के मनिकापुर गांव और दूसरा असोहा थाना क्षेत्र के गांव शाहाबाद ग्रांट का रहने वाला था। दोनों अमृतसर में अलग-अलग स्थानों पर रहकर नौकरी कर रहे थे। शनिवार की रात दोनों युवकों के घर खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। दोनों के घर वाले दीपावली के त्योहार पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके मौत की खबर आने से परिजनों रो-रोकर बेहाल हैं। 
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बिहार थाना क्षेत्र के मानपुर मजरे मनिकापुर निवासी रामशंकर (40) अमृतसर के कृष्णानगर मोहल्ले में करीब दो दशक से आटो पार्ट्स की दुकान में मिस्त्री का काम करता था। विजय दशमी के दिन जौरा बाजार फाटक के पास दशहरा मेला देखने गया था, जहां ट्रेन हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने उसकी पैंट की जेब में मिले आधार कार्ड से पहचान कर शनिवार को घर वालों को सूचना दी।
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मौत की खबर आने के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है...

in Amritsar Train Accident on Dussehra unnao habitant two youngmen lost his life
अमृतसर ट्रेन हादसा
रामशंकर की मौत की खबर सुनते ही पिता बुद्धू, माता सहदेवी व पत्नी निर्मला बेहाल हो गई। दीपावली पर घर लौटने की बात कहकर निर्मला बच्चों को सीने से लगा रो रही है। रामशंकर की एक ग्यारह वर्षीय बेटी अनन्या व नौ वर्षीय बेटा समीर हैं। रविवार देर शाम तक शव नहीं आ सका था। मौत की खबर आने के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। 

असोहा थाना क्षेत्र के गुरुबक्सखेड़ा निवासी सर्वेश रैदास (22) अपने चचेरे भाई जीतेंद्र व मोहित के साथ अमृतसर में रह रहा था। सर्वेश एक कपड़े की दुकान में कढ़ाई कारीगर का काम करता था। 19 अक्तूबर को सर्वेश चचेरे भाइयों के साथ दशहरा मेला देखने गया था। ट्रेन हादसे में जीतेंद्र व मोहित बाल-बाल बच गए, लेकिन सर्वेश की मौत हो गई।

जीतेंद्र ने शुक्रवार सुबह सर्वेश रैदास के पिता मैकू को फोन पर सूचना दी। सर्वेश की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। पिता व परिवार के कुछ लोग अमृतसर पहुंचे। शव काफी क्षतविक्षत होने से शनिवार को वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया। घर वालों ने बताया कि 22 अक्तूबर को सर्वेश का रिश्ता तय करने के लिए लड़की देखने जाना था। मृतक पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था। 
 
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