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Kanpur News: बंदरगाह के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा के लिए तैयार कर रहे आईआईटी के वैज्ञानिक
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कानपुर। अब पोर्ट के अधिकारी खुद साइबर हमलों को रोकने में सक्षम होंगे। इसके लिए भारतीय पोर्ट्स (बंदरगाह) के 36 अधिकारियों को आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अधिकारियों को थ्रेट इंटेलिजेंस, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक रेडीनेस, सरफेस वेब, डीप वेब, डार्क वेब, सीएससीएम (कैपेबिलिटी मैच्युरिटी मॉडल) समेत सुरक्षा की सभी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
साइबर सुरक्षा को लेकर आईआईटी और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत संस्थान के सी3आई हब में पोर्ट्स अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।
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सी3आई हब की सीओओ डॉ. तनिमा हाजरा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर साइबर सिक्योरिटी कैपेसिटी बिल्डिंग के महत्व को समझाया। वहीं, वैज्ञानिक पोर्ट के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा की अत्याधुनिक और हैकर्स की ओर से अपनाई जा रही तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। अब तक प्रो. सुरेंद्र बसवाना, डॉ. सुधाकर आदि ने प्रशिक्षण दिया।
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अधिकारियों को थ्रेट इंटेलिजेंस, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक रेडीनेस, सरफेस वेब, डीप वेब, डार्क वेब, सीएससीएम (कैपेबिलिटी मैच्युरिटी मॉडल) समेत सुरक्षा की सभी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
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साइबर सुरक्षा को लेकर आईआईटी और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत संस्थान के सी3आई हब में पोर्ट्स अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।
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सी3आई हब की सीओओ डॉ. तनिमा हाजरा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर साइबर सिक्योरिटी कैपेसिटी बिल्डिंग के महत्व को समझाया। वहीं, वैज्ञानिक पोर्ट के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा की अत्याधुनिक और हैकर्स की ओर से अपनाई जा रही तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। अब तक प्रो. सुरेंद्र बसवाना, डॉ. सुधाकर आदि ने प्रशिक्षण दिया।