{"_id":"5d908b2a8ebc3e015a223142","slug":"if-your-bp-is-not-under-control-get-a-kidney-test-done","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा से बीपी कंट्रोल न हो तो गुर्दा चेक कराएं, जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा से बीपी कंट्रोल न हो तो गुर्दा चेक कराएं, जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाही
Sun, 29 Sep 2019 05:47 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 29 Sep 2019 05:47 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर किसी का ब्लड प्रेशर दवा से कंट्रोल न हो रहा हो और उसे मर्दानगी में कमी महसूस होती हो तो वह गुर्दे की जांच कराए। इसी तरह बच्चे की अगर लंबाई न बढ़ रही हो तो भी गुर्दे की जांच करा लेनी चाहिए। गुर्दे में जब विटामिन डी कम बनता है तो बच्चों की लंबाई कम बढ़ती है और बड़ी उम्र के लोगों की हड्डियों में दर्द रहता है।
यह बात कानपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताई। साथ ही नसीहत दी कि लापरवाही बरतने पर बीमारी बढ़ जाती है। शुरुआत में सजग रहने से परेशानी से बचा जा सकता है।
एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण कौशिक और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रचित सक्सेना ने विचार व्यक्त किए। इसके पहले उन्होंने आईएमए भवन में पत्रकारों को बताया कि गुर्दा खराब होने से एनीमिया हो जाता है। गुर्दे में एरिथ्रोपोएटिन नामक हारमोन कम बनता है। व्यक्ति की याददाश्त में कमी आ जाती है और नींद में दिक्कत आती है।
विज्ञापन
भोजन में अरुचि हो जाती है और जी मिचलाया करता है। इसके अलावा हृदय रोग से बचाव के संबंध में बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि वसा के जमाव से धमनी कड़ी हो जाती है। अगर शुरू में ध्यान दिया जाए हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
यह बात कानपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताई। साथ ही नसीहत दी कि लापरवाही बरतने पर बीमारी बढ़ जाती है। शुरुआत में सजग रहने से परेशानी से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण कौशिक और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रचित सक्सेना ने विचार व्यक्त किए। इसके पहले उन्होंने आईएमए भवन में पत्रकारों को बताया कि गुर्दा खराब होने से एनीमिया हो जाता है। गुर्दे में एरिथ्रोपोएटिन नामक हारमोन कम बनता है। व्यक्ति की याददाश्त में कमी आ जाती है और नींद में दिक्कत आती है।
विज्ञापन
भोजन में अरुचि हो जाती है और जी मिचलाया करता है। इसके अलावा हृदय रोग से बचाव के संबंध में बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि वसा के जमाव से धमनी कड़ी हो जाती है। अगर शुरू में ध्यान दिया जाए हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।