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जन्म से ही नहीं खुल रही थी आंख, बच्चे की पुतली से निकाला 100 ग्राम का ट्यूमर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 14 Dec 2017 01:20 PM IST
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ऑपरेशन से पहले बच्चे की फोटो
कानपुर के हैलट अस्पताल में बुधवार को ढाई साल के बच्चे की आंख की पुतली के ट्यूमर का आपरेशन हुआ। करीब एक घंटे के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने 100 ग्राम के ट्यूमर को निकाल दिया। जन्मजात ट्यूमर की वजह से उसकी दाहिनी आंख नहीं खुल रही थी।
कानपुर छावनी निवासी वीर ने बताया कि उसके बेटे मेघा की दाहिनी आंख में जन्म से ही सूजन थी। आंख खुलती नहीं थी। काफी इलाज के बाद 11 दिसंबर को बेटे को हैलट ओपीडी में नेत्र रोग विभाग के डॉ. आरसी गुप्ता को दिखाया। तब पता चला कि बच्चे की दाहिनी आंख में आर्बिट ट्यूमर है। इसका बुधवार को आपरेशन किया गया। शहर के इकलौते ऑप्लोप्लास्टी सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि एक घंटे चले आपरेशन के दौरान उसकी दाहिनी आंख की पुतली में चीरा लगाकर ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर करीब 100 ग्राम का था। आपरेशन सफल रहा। अब वह दोनों आंखों से सामान्य रूप से देख सकेगा। दो-तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। इस तरह का ट्यूमर लाखों बच्चों में से एक-आध को होता है। डॉ.आरसी गुप्ता के अनुसार प्रदेश में सिर्फ दो ऑप्लोप्लास्टी सर्जन हैं। इनमें से एक वह स्वयं हैं और दूसरे लखनऊ में हैं।
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कानपुर छावनी निवासी वीर ने बताया कि उसके बेटे मेघा की दाहिनी आंख में जन्म से ही सूजन थी। आंख खुलती नहीं थी। काफी इलाज के बाद 11 दिसंबर को बेटे को हैलट ओपीडी में नेत्र रोग विभाग के डॉ. आरसी गुप्ता को दिखाया। तब पता चला कि बच्चे की दाहिनी आंख में आर्बिट ट्यूमर है। इसका बुधवार को आपरेशन किया गया। शहर के इकलौते ऑप्लोप्लास्टी सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि एक घंटे चले आपरेशन के दौरान उसकी दाहिनी आंख की पुतली में चीरा लगाकर ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर करीब 100 ग्राम का था। आपरेशन सफल रहा। अब वह दोनों आंखों से सामान्य रूप से देख सकेगा। दो-तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। इस तरह का ट्यूमर लाखों बच्चों में से एक-आध को होता है। डॉ.आरसी गुप्ता के अनुसार प्रदेश में सिर्फ दो ऑप्लोप्लास्टी सर्जन हैं। इनमें से एक वह स्वयं हैं और दूसरे लखनऊ में हैं।
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