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हरदोई: दाई के घर हुए प्रसव में 15 साल बाद गूंजी किलकारी 24 घंटे में हुई शांत, बच्ची के बाद मां ने भी तोड़ा दम
Thu, 01 Oct 2026 05:58 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 01 Oct 2026 05:58 PM IST
सार
खुशियों के बीच परिवार में मातम छा गया। परिजन ने दाई पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 17 हजार में प्रसव कराने का दावा किया।
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मृतका की मां सुंदरा से जानकारी लेते कोतवाल अतुल कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस आंगन में 15 वर्षों से संतान की किलकारियों की आस थी वहां खुशियों की दस्तक तो हुई लेकिन चंद घंटों में मातम पसर गया। बेनीगंज के नयापुरवा मोहल्ले में संदिग्ध परिस्थितियों में प्रसव के बाद नवजात बच्ची की मौत के बाद उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजन ने दाई पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए दाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अनाधिकृत रूप से संचालित क्लीनिक को सील करा दिया है।
कोतवाली संडीला के पिरकापुर निवासी हीरालाल की पत्नी राजेश्वरी देवी (35) को सोमवार को परिजन सीएचसी कोथावां ले गए थे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दो दिन बाद लाने की सलाह दी थी। राजेश्वरी की मां सुंदरा देवी ने बताया कि मंगलवार को वह राजेश्वरी को नयापुरवा निवासी दाई गोमती के पास ले गए। आरोप है कि दाई ने 17 हजार रुपये में प्रसव कराने का आश्वासन देकर महिला को अपने घर पर रखा। बुधवार तड़के करीब चार बजे महिला ने बच्ची को जन्म दिया। हीरालाल के घर में 15 साल बाद किलकारी गूंजी थी तो खुशी का माहौल था लेकिन अचानक शाम तक नवजात की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह राजेश्वरी की भी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसने भी दम तोड़ दिया। घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। हीरालाल ने मामले की सूचना पुलिस को दी। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि परिजन से शिकायत मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई शुरू की है।
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कोतवाली संडीला के पिरकापुर निवासी हीरालाल की पत्नी राजेश्वरी देवी (35) को सोमवार को परिजन सीएचसी कोथावां ले गए थे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दो दिन बाद लाने की सलाह दी थी। राजेश्वरी की मां सुंदरा देवी ने बताया कि मंगलवार को वह राजेश्वरी को नयापुरवा निवासी दाई गोमती के पास ले गए। आरोप है कि दाई ने 17 हजार रुपये में प्रसव कराने का आश्वासन देकर महिला को अपने घर पर रखा। बुधवार तड़के करीब चार बजे महिला ने बच्ची को जन्म दिया। हीरालाल के घर में 15 साल बाद किलकारी गूंजी थी तो खुशी का माहौल था लेकिन अचानक शाम तक नवजात की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
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बृहस्पतिवार सुबह राजेश्वरी की भी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसने भी दम तोड़ दिया। घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। हीरालाल ने मामले की सूचना पुलिस को दी। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि परिजन से शिकायत मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई शुरू की है।
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पति की आंखों के सामने बिखर गया संसार
15 साल बाद राजेश्वरी ने बच्ची को जन्म दिया। हीरालाल और राजेश्वरी दोनों बहुत खुश थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हीरालाल ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही समय में न सिर्फ उनकी नवजात बच्ची उनसे छिन जाएगी बल्कि उनकी पत्नी का भी साथ हमेशा के लिए छूट जाएगा। 24 घंटे के अंदर हुईं दो मौतों ने हीरालाल को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। आरोप है कि समय पर उचित इलाज मिलता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।
15 साल बाद राजेश्वरी ने बच्ची को जन्म दिया। हीरालाल और राजेश्वरी दोनों बहुत खुश थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हीरालाल ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही समय में न सिर्फ उनकी नवजात बच्ची उनसे छिन जाएगी बल्कि उनकी पत्नी का भी साथ हमेशा के लिए छूट जाएगा। 24 घंटे के अंदर हुईं दो मौतों ने हीरालाल को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। आरोप है कि समय पर उचित इलाज मिलता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।