फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Those for whom I sacrificed everything performed my last rites while I was still alive.

Hardoi News: जिनके लिए सब कुछ किया समर्पण, उन्हीं ने जीते जी कर दिया तर्पण

Wed, 30 Sep 2026 11:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
Those for whom I sacrificed everything performed my last rites while I was still alive.
फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन
हरदोई। आज अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस है और पितृ पक्ष भी चले रहे हैं। घर में बुजुर्ग का होना परिवार पर वट वृक्ष जैसी छाया होना माना जाता है। वहीं पितृ पक्ष की बड़ी धार्मिक मान्यता है। 16 दिन तक लोग अपने पूर्वजों का स्मरण कर उन्हें तर्पण और श्राद्ध के माध्यम से तृप्त करते हैं। ऐसे में समाज की एक ऐसी तस्वीर भी छिपी है जहां पर उनका परिवार भी है, अपने भी हैं लेकिन उन सबसे दूर वह उम्र के चौथे पन में जीवन के बाकी दिनों को वृद्धाश्रम में बिताने को विवश हैं।
विज्ञापन

यह व्यथा उन 120 से अधिक बुजुर्गों की है जो अल्लीपुर वृद्धाश्रम में उम्र के चौथे पन को जी रहे हैं। इन बुजुर्गों का हाल यह है कि जिन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह तक के लिए अपनी जिंदगी की पाई-पाई लगा दी उन्हीं ने जीते जी तर्पण कर दिया। बुजुर्गों के सामने अपनों से दूर जिंदगी गुजारने की मजबूरी है।
विज्ञापन

बुजुर्गों की यह कहानी परिवार और समाज के बदलते रिश्तों के मायने का दर्द बयां करती है। अपनों के होते हुए भी घर से दूर इन बुजुर्गों ने अब वृद्धाश्रम को ही अपना आशियाना बना लिया है। बुजुर्गों के मुताबिक उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह और यहां तक बहू भी नौकरी वाली ही तलाश की लेकिन उन जिम्मेदारियों का परिणाम वृद्धाश्रम मिला। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए जीवनभर मेहनत की और अपनी जरूरतों को पीछे रखा। अब उम्र के इस पड़ाव पर सरकारी मदद के भरोसे जीवन कट रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
वृद्धाश्रम परिवार बन गया, यहीं पर होते त्योहार
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान अल्लीपुर की तरफ से संचालित वृद्धाश्रम में करीब 120 से अधिक बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें महिला और पुरुष शामिल हैं। यहां रह रहे बुजुर्ग अब उनका परिवार बन गए हैं। त्योहार और व्यवहार यहीं पर होते हैं। महिलाओं ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की पूर्व संध्या पर बुजुर्गों का रोचना-टीका लगाकर अपनेपन का एहसास दिलाया।
---
जीते जी खाना-पानी और सेवा नहीं, मरने के बाद तलाशेंगे कौआ
पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। लोग पूर्वजों को याद कर उनके प्रति श्रद्धा जताते हैं। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के मुताबिक जीते जी दो रोटी, पानी और सेवा तो कर नहीं पाए। मरने के बाद सामाजिक दायित्व का ढिढोंरा पीटने के लिए कौआ तलाशेंगे।
---
बेटा-बहू दोनों नौकरी में हैं लेकिन हम यहां
वृद्धाश्रम में कानपुर के एक बुजर्ग दंपती भी रह रहे हैं। कहते-कहते उनकी आंखों से आंसू गालों तक लुढ़क आए, बोले- बेटे को पढ़ा-लिखाकर नौकरी दिलाई। बहू भी नौकरी वाली तलाश की लेकिन अब हम दोनों यहां हैं। वहीं आश्रम प्रबंधक पूजा ने बताया कि यहां आने के बाद सभी बुजुर्ग घुलमिल जाते हैं। सीता शर्मा ने बुजुर्गों को उनकी जरूरत की सामग्री भेंट की।

---
वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की प्रतिदिन ऑनलाइन हाजिरी लगती है। योग, भजन-कीर्तन और खेल के आयोजन होते हैं। बुजुर्गों के रहने, खाने-पीने, कपड़ों आदि की सभी व्यवस्थाएं विभाग के माध्यम से की जाती हैं। -अवनीश कुमार, समाज कल्याण अधिकारी

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

फोटो 28: अब तो यहीं हैं सारे रिश्ते-नाते : वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाएं अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed