शरीर पर चोटों के निशान बयां कर रहे थे लड़की के साथ हुए 'वहशीपन की कहानी'
इन सब बातों का खुलासा गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस और महिला कल्याण विभाग के अफसर हरकत में आ गए हैं। एसएसपी, सीओ समेत आला पुलिस अफसरों ने संवासिनी गृह पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की।
संवासिनी गृह में रहने वाली युवती को वहां के कर्मचारी बुधवार को हैलट लाए थे। अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया था। संवासिनी गृह की कर्मचारी मधु ने डॉक्टर को बताया था कि युवती को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। बुधवार सुबह उसकी तबियत बिगड़ गई थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने सरोज के वस्त्र अस्त-व्यस्त और शरीर पर चोटों के निशान देख बलात्कार के बाद हत्या की आशंका जताई थी।
स्वरूप नगर पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बीमारी को मौत की वजह मानकर युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मामला संवासिनी गृह का होने के नाते इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने शव का पंचायतनामा मजिस्ट्रेट से भरवाया। मजिस्ट्रेट ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी कराए जाने संस्तुति की। गुरुवार को तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पैनल में उर्सला के डॉक्टर राजेश वर्मा, डॉ. सुरेंद्र बाबू और एसीएमओ डॉक्टर राजेश गुप्ता शामिल थे। वीडियोग्राफी भी कराई गई।