कानपुर नगर निगम: 'जांच का खौफ...टेंडर पर संकट', हॉट मिक्स कार्यों के लिए नहीं मिला एक भी ठेकेदार, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच और छह एफआईआर के बाद ठेकेदारों के डर से टेंडर प्रक्रिया ठप हो गई है। 1.60 करोड़ के 19 हॉट मिक्स कार्यों में एक भी फॉर्म नहीं आया, जिससे सड़कों का पक्का काम रुक गया है और शहर में कच्चा पैचवर्क किया जा रहा है।
विस्तार
कानपुर नगर निगम के ठेकों में भ्रष्टाचार की जांच के बीच विकास कार्यों के टेंडर पर संकट गहरा गया है। बुधवार को हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े 1.60 करोड़ रुपये के 19 कार्यों के लिए एक भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला। ठेकेदारों के इस रुख से नगर निगम के सामने सड़क निर्माण और पक्के पैचवर्क के काम कराने की चुनौती खड़ी हो गई है। शहर की बदहाल सड़कों पर फिलहाल कच्चे पैचवर्क से काम चलाया जा रहा है। जर्जर सड़कों पर पक्का पैचवर्क नहीं होने से धूल उड़ रही है।
इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सीपीसीबी के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर को देश में 11वां स्थान मिला है। टेंडर में ठेकेदारों की बेरुखी का असर छोटे कार्यों पर भी पड़ रहा है। दो सितंबर को चार करोड़ रुपये के 156 विकास कार्यों के लिए निविदा निकाली गई थी। इनमें मंगलवार तक 25 कार्यों के लिए एक भी फॉर्म नहीं आया, जबकि 30 कार्यों में नियमानुसार तीन फॉर्म नहीं पड़े। यानी 55 कार्यों में टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इनमें नाली, खड़ंजा और सुंदरीकरण जैसे छोटे काम भी शामिल हैं।
अब री-टेंडरिंग कराई जाएगी
कम फॉर्म वाले कार्यों की अब री-टेंडरिंग कराई जाएगी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ठेकेदारों ने बताया कि टेंडर के साथ जमा होने वाली सिक्योरिटी मनी फंसने, काम मिलने के बाद बाबू से लेकर अधिकारियों के स्तर तक कमीशन देने का दबाव और काम पूरा होने के बाद जांच के नाम पर भुगतान रोकने का डर बना है। यही वजह है कि कई ठेकेदार नगर निगम के बजाय दूसरे विभागों में काम तलाश रहे हैं। हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े कार्यों को लेकर यह आशंका और ज्यादा है, क्योंकि इसी से जुड़े मामलों की जांच चल रही है।
298 टेंडर पहले हो चुके निरस्त, 16 सितंबर पर टिकी नजर
भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद 15वें वित्त से जारी 125 करोड़ रुपये के 298 कार्यों के टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। इनमें करीब 40 करोड़ रुपये के काम हॉट मिक्स प्लांट से होने हैं। इन कार्यों के लिए 16 सितंबर को दोबारा निविदा आमंत्रित की गई है।
विकास कार्यों में धांधली के आरोप में दर्ज हुईं छह प्राथमिकी
पिछले माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर निगम के ठेकों में माफियागिरी होने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने स्वरूपनगर में पांच और फजलगंज में एक एफआईआर दर्ज की। सभी मुकदमे विकास कार्यों में धांधली के आरोपों से जुड़े हैं। नगर निगम ने ठेके से जुड़ी पांच फर्मों को ब्लैकलिस्ट भी किया है।
टेंडर डालने के लिए ठेकेदार आ रहे हैं। जिन कार्यों में कम फॉर्म आए हैं, उनकी री-टेंडरिंग कराई जा रही है। अन्य विभागों से भी समन्वय किया जा रहा है और उनके हॉट मिक्स प्लांट से जुड़ी फर्मों को भी निविदा प्रक्रिया में आमंत्रित किया गया है। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
दिखा असर
- छह एफआईआर के बाद ठेकेदारों में बढ़ा कार्रवाई का डर।
- पांच फर्में ब्लैकलिस्ट, अब दूसरे विभागों की फर्मों पर नजर।
- ठेकेदारों ने कमीशन और भुगतान अटकने के डर को बताया वजह।
- नाली, खड़ंजा और सुंदरीकरण के छोटे काम भी टेंडर संकट से प्रभावित।
- नगर निगम के बजाय दूसरे विभागों में काम तलाश रहे कई ठेकेदार।