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‘मरीज को सगा मानकर करें इलाज’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 15 Feb 2015 03:41 AM IST
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‘मरीज को अपना माता-पिता, भाई, बेटा जैसा मानकर डॉक्टर इलाज करें। उनसे हमदर्दी से पेश आएं और उनके सच्चे मददगार साबित हों। इससे डॉक्टर-मरीज के रिश्ते अच्छेे होंगे, विश्वास बढ़ेगा और महसूस कीजिएगा कि आपको भी सुकून मिलेगा।’
पद्म विभूषण, एमसीआई के पूर्व चेयरमैन और दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. केके तलवार ने डॉक्टरों से यह आह्वान किया। साथ ही उन्होंने मेडिकल सेक्टर में रिसर्च को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि बिना नए रिसर्च के इलाज की नई विधियां और दवाएं नहीं मिलेंगी।
डॉ. तलवार शनिवार को शहर के एक होटल में यूपी चैप्टर कॉर्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘कॉर्डिकॉन 2015’ के 21वें वार्षिक सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कॉर्डिकॉन 2015 के पहले दिन डॉ. तलवार ने कहा कि ‘इलाज से ज्यादा बचाव अच्छा है’ इस दिशा में आगे आकर डॉक्टर काम करें।’ स्टेम सेल पर काम चल रहा है।
अब बोन मैरो से सेल निकालकर इस पर प्रयोग की तैयारी है। यदि प्रयोग सफल हुआ तो हार्ट की बीमारियों को काबू करने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्मोकिंग न तो पीने वाले के लिए अच्छा है और न ही सामने बैठने वाले के लिए। अमेरिका से आए डॉ. सी वेंकट एस राम ने कहा कि 140 या उससे कम ब्लड प्रेशर है तो दवा की कोई जरूरत नहीं होती है। इससे ज्यादा बीपी होने पर दवा देनी पड़ती है।
लो बीपी से बहुत समस्या नहीं आती है। दुबई से आए डॉ. राजीव लोचन ने बायो एब्जार्बल इंस्टेंट की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस दौरान जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार, कॉर्डियोलॉजी के डॉयरेक्टर डॉ. विनय कृष्णा, डॉ. रमेश ठाकुर, डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. आरके बंसल, डॉ. आरपीएस भारद्वाज, डॉ. एके त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
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पद्म विभूषण, एमसीआई के पूर्व चेयरमैन और दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. केके तलवार ने डॉक्टरों से यह आह्वान किया। साथ ही उन्होंने मेडिकल सेक्टर में रिसर्च को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि बिना नए रिसर्च के इलाज की नई विधियां और दवाएं नहीं मिलेंगी।
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डॉ. तलवार शनिवार को शहर के एक होटल में यूपी चैप्टर कॉर्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘कॉर्डिकॉन 2015’ के 21वें वार्षिक सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कॉर्डिकॉन 2015 के पहले दिन डॉ. तलवार ने कहा कि ‘इलाज से ज्यादा बचाव अच्छा है’ इस दिशा में आगे आकर डॉक्टर काम करें।’ स्टेम सेल पर काम चल रहा है।
अब बोन मैरो से सेल निकालकर इस पर प्रयोग की तैयारी है। यदि प्रयोग सफल हुआ तो हार्ट की बीमारियों को काबू करने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्मोकिंग न तो पीने वाले के लिए अच्छा है और न ही सामने बैठने वाले के लिए। अमेरिका से आए डॉ. सी वेंकट एस राम ने कहा कि 140 या उससे कम ब्लड प्रेशर है तो दवा की कोई जरूरत नहीं होती है। इससे ज्यादा बीपी होने पर दवा देनी पड़ती है।
लो बीपी से बहुत समस्या नहीं आती है। दुबई से आए डॉ. राजीव लोचन ने बायो एब्जार्बल इंस्टेंट की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस दौरान जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार, कॉर्डियोलॉजी के डॉयरेक्टर डॉ. विनय कृष्णा, डॉ. रमेश ठाकुर, डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. आरके बंसल, डॉ. आरपीएस भारद्वाज, डॉ. एके त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।