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ग्राम प्रधान बनेंगे गंगा के रखवाले
अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:13 AM IST
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गंगा की रखवाली में ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। मिशन फार क्लीन गंगा के तहत गंगा किनारे रहने वाले कुल 1650 किसानों को निर्मल गंगा के लिए से प्रशिक्षित किया जाएगा। अभी तक 400 ग्राम प्रधान प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। इसमें कानपुर के कुछ प्रधान भी शामिल हैं।
सोमवार को नवीन मार्केट स्थिति भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में केंद्र सरकार की इस योजना के संबंध में जानकारी दी गई। नमामि गंगे समिति के राष्ट्रीय सचिव संजय चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार ने इस काम के लिए लुधियाना की काली नदी को नया जीवन देने वाले बलबीर सींचेवाल के मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल के तहत गांव की नालियों से बहने वाले कचरे और गंदे पानी को एक जगह एकत्र किया जाता है।
फिर कई गड्ढे बनाकर गंदे पानी को एक के बाद दूसरे में भेजा जाता है। इस विधि से कचरा नीचे बैठ जाता है और साफ पानी ऊपर आ जाता है। चतुर्वेदी ने बताया कि एक बार में प्रशिक्षण के लिए करीब दो सौ प्रधानों को बुलाया जाता है। उन्होेंने बताया कि केंद्र सरकार मॉडल को परख रही है।
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बेहतर परिणाम मिलने पर यह फार्मूला अन्य नदियों के निर्मलीकरण में लागू किया जाएगा। बैठक में पूर्व विधायक और समिति के क्षेत्रीय संयोजक बनवारी लाल दोहरे, समिति के प्रांतीय सदस्य श्रीकृष्ण दीक्षित, विजय गौड़, उमेश निगम, दिव्यांशु शर्मा, मुकेश वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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सोमवार को नवीन मार्केट स्थिति भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में केंद्र सरकार की इस योजना के संबंध में जानकारी दी गई। नमामि गंगे समिति के राष्ट्रीय सचिव संजय चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार ने इस काम के लिए लुधियाना की काली नदी को नया जीवन देने वाले बलबीर सींचेवाल के मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल के तहत गांव की नालियों से बहने वाले कचरे और गंदे पानी को एक जगह एकत्र किया जाता है।
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फिर कई गड्ढे बनाकर गंदे पानी को एक के बाद दूसरे में भेजा जाता है। इस विधि से कचरा नीचे बैठ जाता है और साफ पानी ऊपर आ जाता है। चतुर्वेदी ने बताया कि एक बार में प्रशिक्षण के लिए करीब दो सौ प्रधानों को बुलाया जाता है। उन्होेंने बताया कि केंद्र सरकार मॉडल को परख रही है।
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बेहतर परिणाम मिलने पर यह फार्मूला अन्य नदियों के निर्मलीकरण में लागू किया जाएगा। बैठक में पूर्व विधायक और समिति के क्षेत्रीय संयोजक बनवारी लाल दोहरे, समिति के प्रांतीय सदस्य श्रीकृष्ण दीक्षित, विजय गौड़, उमेश निगम, दिव्यांशु शर्मा, मुकेश वर्मा आदि उपस्थित रहे।