अलविदा 2022: ई-बसों ने भरा फर्राटा, जहाजों ने उड़ान, नए साल से रातों में भी उतरेंगे विमान
2022 में कानपुर में 80 ई-बसों ने फर्राटा भरा। अब 100 ई-बसें कानपुर में दौड़ने लगीं हैं। ई-बसों का विस्तार उन्नाव, घाटमपुर और फतेहपुर के बिंदकी तक हो गया है। रेलवे में कोई खास बदलाव नहीं हुए।
विस्तार
सीएम ने हवाई सेवा का विभाग संभाला तो काम में आई तेजी
अक्तूबर 2022 में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज खेलने शहर आए क्रिकेटरों का विमान अंधेरा होने से न उड़ पाने से शहर की हवाई परिवहन सेवा की फजीहत हुई थी। अभी तीन शहरों मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू के लिए चार विमानों का संचालन हो रहा है। योगी सरकार 2.0 में नागरिक उड्डयन विभाग खुद सीएम ने अपने पास रखा। टर्मिनल निर्माण में लगे यूपी राज्य निर्माण निगम के तीन अफसरों के निलंबन के बाद काम तेज हुआ लेकिन पीडब्लूडी एयरपोर्ट से हाईवे तक लिंक रोड नहीं बना सका है।
नए साल में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के शुरू होने पर 300 यात्रियों को बोर्डिंग हॉल में बैठने की व्यवस्था होगी। एक साथ तीन विमानों का संचालन हो सकेगा। - संजय कुमार, निदेशक, चकेरी एयरपोर्ट
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झकरकटी बस अड्डा झेलता रहा दुश्वारी
झकरकटी बस अड्डे पर यात्रियों के लिए यह साल बेहद दुश्वारियों भरा रहा। मेट्रो का काम होने से जगह कम हो गई और बसों के आने जाने के लिए रास्ता तंग होने और प्रतीक्षालय टूटने से यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। बसों के खड़े होने के लिए खड़ंजायुक्त ऊबड़-खाबड़ प्लेटफार्म और उसमें बड़े बड़े गड्ढों की समस्या दूर नहीं हो सकी। बारिश में बस अड्डे पर पानी भरता गया।
बस अड्डे को पीपीपी मॉडल से विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। 2022 में नई बस सेवा शुरू नहीं हुई लेकिन बांदा और रायबरेली रूट खराब होने से बस मालिकों ने 56 बसों का अनुबंध रोडवेज से खत्म कर लिया।
कब शुरू होगा सिग्नेचर सिटी बस अड्डा
मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बावजूद विकासनगर में बनकर तैयार सिग्नेचर सिटी बस अड्डा अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी से इस साल भी नहीं चालू हो सका। पहले केडीए और रोडवेज के बीच रुपयों के लेनदेन की वजह से बाधा रही। स्टाफ के लिए फर्नीचर न होने और फूड प्लाजा न होने के कारण चालू नहीं किया जा रहा है। जबकि 40 बसों का शेड्यूल भी रोडवेज जारी कर चुका है।
सेंट्रल का लोड किया कम पर मेमू नहीं बढ़ाईं
रेलवे में इस साल कुछ नया नहीं हो सका। बदलाव के नाम पर सिर्फ अधिकारियों का बदलाव हुआ। कोई नई ट्रेन कानपुर के खाते में नहीं आई। सेंट्रल का लोड कम करने की दिशा में दो ट्रेनों को गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन शिफ्ट किया गया। सेंट्रल स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर सीवरभराव की समस्या अभी बनी हुई है। सिटी साइड में एक नया एस्केलेटर और प्लेटफार्मों से दिल्ली साइड के पैदलयात्री पुल पर चढ़ने के लिए चार एस्केलेटर लगाए गए। न्यू कोचिंग कॉम्पलेक्स में ट्रेनों की सफाई के लिए आटोमेटिक धुलाई सेंटर नहीं शुरू हो सका। कोरोना में बंद 13 जोड़ी मेमू में सिर्फ दो जोड़ी मेमू ही बहाल हो सकीं। मेमू शेड का बनने के बाद भी उद्घाटन नहीं हो सका। पूर्वोत्तर रेलवे ने जरीब चौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का सर्वे पूरा किया और इस पर मुहर लग गई। नए साल में इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे जीटी रोड पर जाम की समस्या कम होगी।
आरटीओ: फिटनेस सेंटर की बिल्डिंग तैयार पर मशीनें नहीं
परिवहन विभाग ने लखनऊ के बाद कानपुर में किसाननगर में आटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर बनाया है। 2022 में बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है लेकिन वाहनों की फिटनेस करने वाली ऑटोमैटिक मशीनें इस साल नहीं आ सकी हैं। यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ को मशीनें देनी थीं। करीब दो एकड़ जमीन में बने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2019 में ही आठ करोड़ 39 लाख 35 हजार रुपये का बजट जारी कर दिया था। आरटीओ प्रशासन राजेश सिंह का दावा है कि दो महीने में मशीनें आ जाएंगी। इस साल ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें सुविधा से ज्यादा असुविधा हाथ लगी।
उम्मीदें
- एयरफोर्स नए साल में आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) को उच्चीकृत कर देगा। इससे खराब मौसम में भी विमान आ जा सकते हैं। बंद हो चुकी अहमदाबाद, कोलकाता, हैदराबाद की विमान सेवा बहाल होंगी। सूरत, देहरादून, राजकोट, कोलकाता, पटना, वाराणसी, जयपुर, गोवा, अमृतसर के लिए सेवा शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है।
- मिशन उड़ान के तहत प्रदेश के चार शहर चित्रकूट, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मुरादाबाद की उड़ानें शुरू होंगी। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, गुजरात के सूरत, गांधी नगर, उत्तराखंड के देहरादून, महाराष्ट्र के पुणे, गोवा और पंजाब के लुधियाना के लिए विमान सेवा शुरू करने का विमान कंपनियों ने सर्वे किया है।
- कानपुर सेंट्रल से चंदारी तक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम शुरू होने से आउटर पर ट्रेनों के फंसने की समस्या दूर होगी। झांसी-कानपुर के बीच दोहरीकरण काम पूरा हो जाएगा। मिशन रफ्तार के तहत लखनऊ-कानपुर के बीच ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का काम चलेगा। डीएफसी का रूमा से भाऊपुर तक ट्रैक शुरू हो जाएगा। इससे मालगाड़ी पूरी तरह से डीएफसी पर ही चलेंगी। जरीब चौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनेगा।
- झकरकटी बस अड्डे को पीपीपी मॉडल से विकसित किया जाएगा। सिग्नेचर सिटी बस अड्डा बनकर तैयार होगा। 100 नई ई बसें आएंगी, जो मेट्रो फीडर से जोड़ी जाएंगी।