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हर तरीका अपनाओ, चुनाव में जीत दिलाओ
अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:38 AM IST
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‘चुनाव में दल, बल और बाहुबल, सब लेकर मैदान में कूद पड़ो, कुछ भी करो, लेकिन जीत लाकर दिखाओ वरना भुगतने को तैयार रहो।’ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को यहां महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान यूपी के पार्टी सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों व नेताओं को यह फरमान देकर चेता भी दिया कि अगर अगले चुनावों में जीत नहीं मिली तो किसी की कुर्सी सुरक्षित नहीं।
अमित शाह ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि यहां जितने भी सांसद बैठे हैं, सभी इससे पहले के हारे हुए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव जीते हैं तो मोदी की छवि के कारण। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में रहना है तो पहले पंचायत चुनाव जीतो, फिर विधानसभा 2017 चुनाव। उन्होंने बताया कि 2017 विधानसभा चुनाव में यूपी में किसी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया जाएगा, मोदी के नाम-काम पर ही चुनाव लड़ेंगे। दरअसल, पार्टी की नजर 2017 विधानसभा चुनाव पर है।
पंचायत चुनाव के रास्ते पार्टी ‘मिशन 2017’ फतेह करने की रणनीति बना रही है। रणनीति है कि समाजवादी पार्टी को उसके गढ़ में घेरा जाएगा। कन्नौज, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, हरदोई और मैनपुरी में दमदार प्रत्याशी उतारकर सपा पर मनोवैज्ञानिक दबाव डाला जाएगा। इन क्षेत्रों में सपा की स्थिति मजबूत है। पिछले विधानसभा चुनाव की ज्यादातर सीटें सपा ने ही जीती हैं।
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दरअसल भाजपा ने अमित शाह को कानपुर बुलाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अगले विधानसभा चुनाव में सपा की राह आसान नहीं होगी। हर सीट पर उसे भाजपा से कड़ी टक्कर मिलेगी। इसी के मद्देनजर समीक्षा बैठक में प्रदेश भर से आए पार्टी के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की जो जिम्मेदारी दी गई, वे तो उसे निभाएंगे ही, लेकिन सांसद और विधायकों की भूमिका प्रमुख होगी। वे जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने ना-नुकुर करने की कोशिश की तो शाह ने फटकारते हुए कहा कि चुनाव में जीतकर सांसद, विधायक आप लोग बनोगे और जनता की बीच डंडा खाने कोई दूसरा जाएगा। ऐसा कतई नहीं चलेगा, हर एक सांसद का हिसाब-किताब लिया जाएगा। यदि किसी को इसमें कोई दिक्कत है तो हाथ उठाए। जब किसी सांसद ने हाथ नहीं उठाया तो उन्होंने कहा कि डर की वजह से हाथ नहीं उठा रहे हैं या मन में कुछ और करने का इरादा है। शाह के तेवर देख हॉल में सन्नाटा पसरा रहा।
यूपी के आठ क्षेत्रों (ब्रज, काशी, कानपुर, बुंदेलखंड, पश्चिमी, अवध, बरेली और गोरखपुर) के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में अमित शाह सांसदों को बार बार यह एहसास कराते दिखे कि जो आज जो कुछ हैं, वह सब मोदी की कृपा से है। इसलिए मोदी की साख रखने के लिए आगे भी जीत का सिलसिला जारी रखने की जरूरत है।
इस दौरान शाह यूपी के साथ बिहार में भी भाजपा की सरकार को लेकर आश्वस्त दिखे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार में एमएलसी चुनाव में मिली सफलता का जिक्र किया। कहा, कि भाजपा को एमएलसी चुनाव में मिली जीत से नीतीश कुमार और लालू यादव का गठजोड़ खुल गया है।
यही स्पीड हमें लगातार बनाकर रखनी है। बैठक में मौजूद केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, निरंजन ज्योति, विनय कटियार, सहित अनेक सांसदों की तरफ उन्होंने देखकर इशारा भी किया, कहा कि पंचायत चुनाव में जीत हर हाल में चाहिए।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि एक अकेले नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में रात दिन घूमकर इतनी भारी संख्या में जनाधार इकट्ठा किया, तो क्या हम उन्हें अपनी तरफ से आने वाले चुनाव में जीत का तोहफा नहीं दे सकते हैं। हमको यह तोहफा देना ही होगा।
आखिर में उन्होंने सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाई, थोड़ा मुस्करा कर बात भी की। उधर, कानपुर नगर में प्रदेश स्तरीय बैठक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने से संबंधित सवाल पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कहा कि भाजपा के यूपी मिशन 2017 का आगाज हो चुका है।
मिशन यूपी-2017 के तहत भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के एक करोड़ घरों में सीधे संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेशभर में 21 लाख 22 हजार घरों में सीधे संपर्क किया जा चुका है।
इन्हीं में से एक लाख सक्रिय सदस्य बनाए गए हैं। सक्रिय सदस्य वे कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने सौ या इससे अधिक सदस्य बनाए हैं। पूरे देश में 15 लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य है। विजयवर्गीय ने बताया कि महासदस्यता अभियान तीन चरणों में पूरा होगा।
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अमित शाह ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि यहां जितने भी सांसद बैठे हैं, सभी इससे पहले के हारे हुए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव जीते हैं तो मोदी की छवि के कारण। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में रहना है तो पहले पंचायत चुनाव जीतो, फिर विधानसभा 2017 चुनाव। उन्होंने बताया कि 2017 विधानसभा चुनाव में यूपी में किसी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया जाएगा, मोदी के नाम-काम पर ही चुनाव लड़ेंगे। दरअसल, पार्टी की नजर 2017 विधानसभा चुनाव पर है।
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पंचायत चुनाव के रास्ते पार्टी ‘मिशन 2017’ फतेह करने की रणनीति बना रही है। रणनीति है कि समाजवादी पार्टी को उसके गढ़ में घेरा जाएगा। कन्नौज, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, हरदोई और मैनपुरी में दमदार प्रत्याशी उतारकर सपा पर मनोवैज्ञानिक दबाव डाला जाएगा। इन क्षेत्रों में सपा की स्थिति मजबूत है। पिछले विधानसभा चुनाव की ज्यादातर सीटें सपा ने ही जीती हैं।
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दरअसल भाजपा ने अमित शाह को कानपुर बुलाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अगले विधानसभा चुनाव में सपा की राह आसान नहीं होगी। हर सीट पर उसे भाजपा से कड़ी टक्कर मिलेगी। इसी के मद्देनजर समीक्षा बैठक में प्रदेश भर से आए पार्टी के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की जो जिम्मेदारी दी गई, वे तो उसे निभाएंगे ही, लेकिन सांसद और विधायकों की भूमिका प्रमुख होगी। वे जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने ना-नुकुर करने की कोशिश की तो शाह ने फटकारते हुए कहा कि चुनाव में जीतकर सांसद, विधायक आप लोग बनोगे और जनता की बीच डंडा खाने कोई दूसरा जाएगा। ऐसा कतई नहीं चलेगा, हर एक सांसद का हिसाब-किताब लिया जाएगा। यदि किसी को इसमें कोई दिक्कत है तो हाथ उठाए। जब किसी सांसद ने हाथ नहीं उठाया तो उन्होंने कहा कि डर की वजह से हाथ नहीं उठा रहे हैं या मन में कुछ और करने का इरादा है। शाह के तेवर देख हॉल में सन्नाटा पसरा रहा।
यूपी के आठ क्षेत्रों (ब्रज, काशी, कानपुर, बुंदेलखंड, पश्चिमी, अवध, बरेली और गोरखपुर) के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में अमित शाह सांसदों को बार बार यह एहसास कराते दिखे कि जो आज जो कुछ हैं, वह सब मोदी की कृपा से है। इसलिए मोदी की साख रखने के लिए आगे भी जीत का सिलसिला जारी रखने की जरूरत है।
इस दौरान शाह यूपी के साथ बिहार में भी भाजपा की सरकार को लेकर आश्वस्त दिखे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार में एमएलसी चुनाव में मिली सफलता का जिक्र किया। कहा, कि भाजपा को एमएलसी चुनाव में मिली जीत से नीतीश कुमार और लालू यादव का गठजोड़ खुल गया है।
यही स्पीड हमें लगातार बनाकर रखनी है। बैठक में मौजूद केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, निरंजन ज्योति, विनय कटियार, सहित अनेक सांसदों की तरफ उन्होंने देखकर इशारा भी किया, कहा कि पंचायत चुनाव में जीत हर हाल में चाहिए।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि एक अकेले नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में रात दिन घूमकर इतनी भारी संख्या में जनाधार इकट्ठा किया, तो क्या हम उन्हें अपनी तरफ से आने वाले चुनाव में जीत का तोहफा नहीं दे सकते हैं। हमको यह तोहफा देना ही होगा।
आखिर में उन्होंने सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाई, थोड़ा मुस्करा कर बात भी की। उधर, कानपुर नगर में प्रदेश स्तरीय बैठक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने से संबंधित सवाल पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कहा कि भाजपा के यूपी मिशन 2017 का आगाज हो चुका है।
मिशन यूपी-2017 के तहत भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के एक करोड़ घरों में सीधे संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेशभर में 21 लाख 22 हजार घरों में सीधे संपर्क किया जा चुका है।
इन्हीं में से एक लाख सक्रिय सदस्य बनाए गए हैं। सक्रिय सदस्य वे कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने सौ या इससे अधिक सदस्य बनाए हैं। पूरे देश में 15 लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य है। विजयवर्गीय ने बताया कि महासदस्यता अभियान तीन चरणों में पूरा होगा।