फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Fear of localization led many families to hide religion conversion, revealed in SIT investigation

लोकलाज के डर से कई परिवारों ने धर्मपरिवर्तन की बात छिपाई, एसआईटी की जांच में हुआ खुलासा

Thu, 03 Sep 2020 01:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 03 Sep 2020 01:46 PM IST
विज्ञापन
Fear of localization led many families to hide religion conversion, revealed in SIT investigation
धर्मपरिवर्तन के बाद शालिनी बनी फातिमा - फोटो : amar ujala
कानपुर में जबरन धर्मपरिवर्तन के मामलों की गंभीरता से जांच के दौरान एसआईटी के हाथ कुछ और अहम सुराग लगे हैं। टीम ने धर्मपरिवर्तन के दर्ज मामलों की जांच पड़ताल की तो जानकारी मिली कि कई मामलों में परिजनों ने लोकलाज के डर मुकदमों में कोई पैरवी नहीं की।
विज्ञापन


युवतियों का शारीरिक और मानसिक शोषण कर उन्हें छोड़ दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने उनकी दूसरी जगह शादी करा दीं। ऐसे मामलों में परिजनों की रजामंदी के बाद फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। एसआईटी में शामिल सीओ विकास पांडेय ने बताया कि अभी तक गोविंदनगर सर्किल और पनकी थाना क्षेत्र से मिला कर 9 मामले जबरन धर्मपरिवर्तन के प्रकाश में आए हैं।
विज्ञापन


 

इन मामलों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला कि कई मामलों में मुस्लिम समुदाय के युवकों ने हिंदू लड़कियों से पहले खुद को हिंदू बता कर शादी की फिर धर्मपरिवर्तन करा निकाह कर लिया। उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

ऐसे मामलों में माता-पिता ने अपनी बेटियों को दोबारा अपना कर उनका लोकलाज के चलते कहीं दूर दराज शहरों में अपने समुदाय में शादी करा दी। ऐेसे मामलों में अगर परिजनों की रजामंदी मिलेगी तो आरोपियों की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जाएगा।

इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह से हिंदू समुदाय की युवतियों का शोषण करने या जबरन धर्मपरिवर्तन कराने के लिए कोई संगठन तो शहर में काम नहीं कर रहा है। नोडल अधिकारी एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि जबरन धर्म परिवर्तन के सारे मामलों में अब एसआईटी ही जांच और कार्रवाई करेगी। इससे संबंधित कोई भी पीड़ित एसआईटी से संपर्क कर सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed