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Fatehpur: शराब माफिया की जिपं सदस्य पत्नी की 1.18 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Sun, 11 May 2025 09:34 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 11 May 2025 09:34 PM IST
सार

Fatehpur News: 2016 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क की गई। शहर के सरायमीना शाह में चार आवासीय प्लाॅट खरीदे थे।

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Fatehpur: Liquor mafia's wife's Zilla Parishad member's property worth Rs. 1.18 crore seized
माफिया राकेश सिंह उर्फ मनमनोहन व जिला पंचायत सदस्य मंजू सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शराब माफिया राकेश उर्फ मनमोहन सिंह की जिला पंचायत सदस्य पत्नी मंजू सिंह के नाम पर अवैध कमाई से खरीदी संपत्ति को रविवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस-प्रशासन ने कुर्क किए हैं। चार आवासीय प्लाॅटों की कीमत करीब एक करोड़ 18 लाख रुपये आंकी गई है। पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया का ईंट भट्ठा और अन्य संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।

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मलवां थाना क्षेत्र के मीरमऊ गांव निवासी राकेश उर्फ मनमोहन सिंह पर अवैध शराब के कई मामले दर्ज हैं। सिर्फ मलवां थाने में कुल 14 मामले दर्ज हैं। जिनमें तीन बार गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दो बार माफिया की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। प्रशासन को पता लगा कि माफिया राकेश की अवैध कमाई से उसकी पत्नी मंजू सिंह के नाम पर कई संपत्तियां हैं। मंजू सिंह के नाम पर 2014 में चार प्लाॅट 260 वर्ग मीटर, 262 वर्ग मीटर, 498 वर्ग मीटर, 468 वर्गमीटर के खरीदे गए।
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वर्तमान में मंजू सिंह सनगांव वार्ड नंबर नौ की जिला पंचायत सदस्य हैं। राकेश सिंह के खिलाफ 2016 में दर्ज गैंगस्टर के मामले में इन चारों संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का मानना है कि गैंगस्टर ने शराब की अवैध कमाई से पत्नी के नाम पर संपत्तियों को खरीदा है। सीओ सिटी सुशील दुबे ने बताया कि माफिया राकेश सिंह की अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को कुर्क किया गया है। संपत्तियों की कीमत एक करोड़ 18 लाख के आसपास है।

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कई मामले आपराधिक इतिहास से गायब
पुलिस की ओर से माफिया के आपराधिक इतिहास में 14 मामलों को दर्शाया गया है। यह मामले सिर्फ मलवां थाने के हैं। शराब माफिया पर जिले के दूसरे थानों के अलावा दूसरे जनपदों तक शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। कानपुर, बांदा, मलवां, लखनऊ के जिलों में शराब माफिया के लग्जरी वाहन तस्करी में पकड़े जाने के बाद थानों में खड़े-खड़े कबाड़ हो गए हैं। आईजी प्रयागराज की ओर से राकेश सिंह को माफिया सूची में दर्ज किया गया था। उसके भाइयों समरजीत, अमरजीत सिंह के खिलाफ भी शराब तस्करी के कई थानों में मामले दर्ज हैं। थानाध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि राकेश सिंह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है।

 

कुर्क संपत्ति पर दोबारा किया था कब्जा
गैंगस्टर के तहत माफिया राकेश सिंह की मीरमऊ गांव में खेत व भूमि का हिस्सा कुर्क किया गया था। इसके अलावा सरकारी भूमि पर भी राकेश सिंह ने अवैध कब्जा कर निर्माण कराया था। राकेश सिंह ने कुर्क संपत्ति पर फिर से फसल बो दी थी। बाउंड्री कराकर सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर लिया था। उसके खिलाफ 2022 में सरकारी संपत्ति पर कब्जे का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी।
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