फसलों के नुकसान से फूटा किसानों का फूटा, स्कूल में आवारा मवेशियों को बंद कर लटका दिया ताला
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गुरु का पुरवा, दलेलपुर, काकोरी और लक्ष्मणपुर के किसान रविवार को सड़क पर उतर आए। इन लोगों ने आवारा जानवरों को पकड़कर चारों गांवों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में बंद कर दिया। गेट में ताला लगा दिया। सोमवार सुबह अध्यापक और बच्चे स्कूल पहुंचे तो गेट पर ताला लटकता मिला। ताला खोलने लगे तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम सदर, बिधनू थानाप्रभारी फोर्स के साथ वहां पहुंचे। किसानों ने अफसरों के सामने भी हंगामा किया।
किसानों ने आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान न होने तक सड़क से हटने से मना कर दिया। एसडीएम सदर के गांव में गोशाला का निर्माण कराए जाने का लिखित आश्वासन देने पर किसान शांत हुए। एसडीएम ने लेखपाल को गोशाला के लिए जगह चिह्नित करने और ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित करने के निर्देश दिए। शाम को आवारा मवेशियों को ट्रक से सरसौल स्थित गोशाला भेजा जा रहा था तभी करिया व पिपरगवां गांव के बीच विश्राम सिंह शांति देवी कॉलेज के छात्रों ने ट्रक रोक लिया। मवेशियों की तस्करी का आरोप लगा सड़क जाम कर हंगामा किया। थानाप्रभारी द्रविड़ सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। करीब आधे घंटे बाद मवेशियों से भरा ट्रक रवाना हुआ। थानाप्रभारी ने बताया कि आवारा मवेशियों को सरसौल गोशाला शिफ्ट कराया गया है।
बच्चों को घर में पढ़ाया
काकोरी गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य परवीन अख्तर ने बताया कि सोमवार सुबह वह स्कूल पहुंची तो भीतर मवेशी बंद थे। गेट पर ताला लटका था। बाहर किसान हंगामा कर रहे थे। इसलिए स्कूल के बगल में रहने वाले धोबी लाल के घर में बच्चों को पढ़ाना पड़ा। अन्य स्कूलों के अध्यापक व छात्र घर लौट गए।
किसानों का दर्द
किसानों ने बताया कि आवारा मवेशी दिन-रात उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गेहूं की फसल बोने के बाद मवेशियों ने पूरी फसल नष्ट कर दी। उन्हें दोबारा गेहूं बोना पड़ा। किसानों का कहना है कि अब वे फसलों का नुकसान नहीं झेल सकते।