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यूपी: राखी पर भाई से बोली थी- अब आओ तो दो-चार दिन रुकना, जिद बनी आखिरी याद; जिस आंगन में खेली उसी में समाई यशी
Sat, 29 Aug 2026 09:03 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 29 Aug 2026 09:03 PM IST
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन के दिन आंगन की धरती में समाई 18 वर्षीय यशी का शव जब शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो पूरे गांव में चीत्कार मच गई। सैकड़ों ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। जिस आंगन में यशी चहकती, कूदती और खेलती बड़ी हुई थी, वही आंगन उसकी मौत की वजह बन गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यशी ने रक्षाबंधन पर अपने इकलौते भाई भास्कर से जिद की थी कि कई महीनों बाद आ रहे हो तो इस बार दो-चार दिन रुक कर जाना, नहीं तो मैं बात नहीं करूंगी। बिलखते हुए भाई ने कहा - मुझे क्या पता था कि मेरी बहन हमेशा के लिए मुझे छोड़कर चली जाएगी। बहन अनूपा ने रोते हुए बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही सुबह यशी कह रही थी - भैया ने नया महंगा मोबाइल लिया है, इस बार आएंगे तो खूब सारी फोटो खींचेंगे, बहुत अच्छी फोटो आएंगी। दोपहर करीब 3 बजे नजफगढ़ गंगा घाट पर नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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यशी ने रक्षाबंधन पर अपने इकलौते भाई भास्कर से जिद की थी कि कई महीनों बाद आ रहे हो तो इस बार दो-चार दिन रुक कर जाना, नहीं तो मैं बात नहीं करूंगी। बिलखते हुए भाई ने कहा - मुझे क्या पता था कि मेरी बहन हमेशा के लिए मुझे छोड़कर चली जाएगी। बहन अनूपा ने रोते हुए बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही सुबह यशी कह रही थी - भैया ने नया महंगा मोबाइल लिया है, इस बार आएंगे तो खूब सारी फोटो खींचेंगे, बहुत अच्छी फोटो आएंगी। दोपहर करीब 3 बजे नजफगढ़ गंगा घाट पर नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं शनिवार को घर पर जनप्रतिनिधियों का भी तांता लगा रहा। समाजवादी पार्टी से फतेह बहादुर गिल, मनोज कुमार शुक्ला और कांग्रेस से धर्मराज सिंह चौहान समेत तमाम नेताओं ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इधर रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बेघर हुए परिवार की मुसीबत और बढ़ा दी है। रेस्क्यू के दौरान हुई खुदाई से विनोद का पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया है और पड़ोसी कल्लू सविता का घर भी दरक गया है। सुरक्षा के चलते दोनों परिवार मोहल्ले के अजय पांडे के बरामदे में शरण लिए हुए हैं। बरामदे के बाहर बैठकर ही उनकी रातें कट रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुदाई वाले स्थान पर बारिश का पानी लगातार गहराई में जा रहा है, अगर समय से सही भराव नहीं हुआ तो आसपास के कई मकान धंस सकते हैं और बड़ी अनहोनी हो सकती है।
इधर रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बेघर हुए परिवार की मुसीबत और बढ़ा दी है। रेस्क्यू के दौरान हुई खुदाई से विनोद का पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया है और पड़ोसी कल्लू सविता का घर भी दरक गया है। सुरक्षा के चलते दोनों परिवार मोहल्ले के अजय पांडे के बरामदे में शरण लिए हुए हैं। बरामदे के बाहर बैठकर ही उनकी रातें कट रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुदाई वाले स्थान पर बारिश का पानी लगातार गहराई में जा रहा है, अगर समय से सही भराव नहीं हुआ तो आसपास के कई मकान धंस सकते हैं और बड़ी अनहोनी हो सकती है।