कोहरे का असर: 40 से अधिक ट्रेनें लेट, स्पाइसजेट की मुंबई फ्लाइट निरस्त
कानपुर में सुबह के वक्त घना कोहरा होने से शुक्रवार को दिल्ली-हावड़ा रूट की 40 से अधिक ट्रेनें तीन से चार घंटे तक लेट रहीं। सुबह के वक्त कम यात्री होने से झकरकटी बस अड्डे से 27 बसें नहीं भेजी गईं। स्पाइसजेट की मुंबई फ्लाइट नहीं आ सकी। इसलिए यहां से जाने वाले 162 यात्री भी मुंबई नहीं जा सके।
ये ट्रेनें लेट, एक घंटे में छह से सात किमी दूरी तय की
स्वर्ण शताब्दी एक घंटे, कालका मेल एक घंटे, श्रमशक्ति एक्सप्रेस 15 मिनट, महानंदा एक्सप्रेस दो घंटे, पुरी एक्सप्रेस दो घंटे, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस एक घंटे, बाड़मेर दो घंटे, प्रयागराज एक्सप्रेस एक घंटे, मगध एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, पुष्पक एक्सप्रेस एक घंटे सहित 44 ट्रेनें लेट रही। ट्रेनों के धीरे आने से जब ट्रेनें सेंट्रल पर पहुंचीं तो प्लेटफार्म खाली न होने से ट्रेनों को आउटर पर रोका गया और स्पीड भी घटा दी गई। इससे पनकी से कानपुर सेंट्रल और चकेरी से कानपुर सेंट्रल तक आने में ट्रेनों एक से सवा घंटे तक लग गए।
एंटी फॉग डिवाइस बहुत मददगार नहीं
ट्रेनों में कोहरे के दौरान लगाई जाने वाली एंटी फॉग डिवाइस घने कोहरे में कारगर साबित नहीं हो पा रही है। दरअसल, यह डिवाइस जीपीएस आधारित रेलवे ट्रैक पर लगे खंभों की दूरी लोको पायलट को बताती हैं। मसलन कोहरा अधिक होने पर ड्राइवर को यह पता होता है कि अब अगला सिग्नल आने वाला है। सिग्नल की स्थिति नहीं बता सकती। यानी यह नहीं पता चलता है कि सिग्नल लाल है या हरा। इसलिए ड्राइवर को सिग्नल करीब आने पर ट्रेन को धीमा ही चलाना पड़ता है। अगर फॉग डिवाइस में सिगनल की स्थिति पता चल जाए तो ट्रेनों की स्पीड पर असर नहीं पड़ेगा।