बिगड़ा बजट: बारिश के चलते आपूर्ति घटने से हरी सब्जियों के दाम बढ़े, आटा भी महंगा…मिलों में किसान बेच रहे गेहूं
Kanpur News: शहरवासियों को बारिश के चलते न केवल जलभराव और जाम से जुझना पड़ रहा है, बल्कि महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है। बारिश के चलते आपूर्ति घटने से हरी सब्जियों के दाम बढ़े हैं। वहीं, किसान अच्छी कीमत मिलने पर मंडी की जगह गेहूं मिलों में बेच रहा है।
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कानपुर में सब्जियों के दाम फिर से बढ़ने लगे हैं। प्याज और मिर्च 50 रुपये किलो पहुंच गए हैं। 40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज 50 रुपये किलो में हो गया है। तरोई, भिंडी भी 40 रुपये किलो में हो गई है। पहले इसके दाम 30 रुपये किलो थे। जानकारों का कहना है कि बरसात के चलते सब्जियां खराब ज्यादा हो रही हैं और आपूर्ति भी घटी है। जिसका असर दाम पर पड़ रहा है। वहीं, आटे के दाम भी दो रुपये किलो बढ़ गए हैं।
करीब 22 दिन पहले तक सब्जियों के दाम कम थे। अब फिर भाव बढ़ गए हैं। सब्जी आढ़ती सौरभ पांडेय ने बताया कि थोक में टमाटर 30 रुपये किलो में हो गया है। जो पहले 40- 45 रुपये किलो में बिक रहा था। टमाटर के दाम कम हुए हैं लेकिन गोभी, कद्दू, भिंडी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, बैंगन समेत सभी हरी सब्जियों के दाम में तेजी आ गई है। गोभी थोक में प्रति पीस 25 से 30 रुपये है।
कद्दू 20, मिर्च और शिमला मिर्च 50 रुपये किलो, लौकी 20, बैगन 30 रुपये किलो है। तरोई 20-30 रुपये किलो है। थोक में हरी मिर्च के दाम 35-40 रुपये किलो थे।आलू-प्याज के आढ़ती सलमान ताज ने बताया कि थोक में आलू 20-25 रुपये किलो है। प्याज थोक में 40-43 रुपये किलो हो गया है। पहले इसके दाम 35-39 रुपये किलो थे। आलू के 20-25 ट्रक और प्याज 10-15 ट्रक मंडी में आया।
फुटकर में सब्जियों के दाम
हरी मिर्च 60 रुपये, शिमला मिर्च 80, कद्दू 20 रुपये, भिंडी 40, बैंगन 40 रुपये, लौकी 20-25, धनिया 240 रुपये, प्याज 50, आलू 35 रुपये, टमाटर 50, तरोई 40 रुपये किलो है।
मंडी की जगह मिलों में किसान बेच रहे गेहूं
गेहूं के साथ ही आटा के दाम भी तेज हो गए हैं। चक्की में 29 रुपये किलो बिकने वाला आटा 31 रुपये किलो में बिकने लगा है। ब्रांडेड कंपनियों के आटा का दाम 42 रुपये किलो हो गया है। पहले 40 रुपये किलो भाव थे। दो साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध और पिछले साल शुरू हुए इस्राइल-हमास युद्ध से इन देशों के अलावा यूरोप, अरब देशों में आटा की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकार ने गेहूं-आटा आदि के निर्यात पर रोक लगा रखी है।
मंडी आने में भाड़ा ज्यादा लगता है
कानपुर गल्ला आढ़तिया संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय बाजपेई ने बताया कि गल्लामंडी में हर दिन 400-500 क्विंटल गेहूं आ रहा है। आटा मिलों में चार से पांच हजार क्विंटल गेहूं जा रहा है। मिल कारोबारी किसानों को 2580 से 2613 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का भाव दे रहे हैं। किसान भी अच्छी कीमत मिलने पर मंडी की जगह इन्हें गेहूं बेच रहा है। उसको भुगतान भी उसी दिन हो रहा है। साथ ही बारदाना वापस मिल जाता था। मंडी आने में भाड़ा ज्यादा लगता है। किराना कारोबारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि फुटकर में आटा का भाव 32-35 रुपये किलो है। चक्की वाला आटा 31 रुपये किलो है, जो पहले 29 रुपये किलो था। ब्यूरो