Kanpur: डॉ. प्रियरंजन की मां का निधन...अंतिम संस्कार से इन्कार, भाभी बोली- जमीन वापस दिलवाई, तो सपाई पड़े पीछे
Kanpur News: डॉ. प्रियरंजन की भाभी रेनू के अनुसार बाबू सिंह ने अपने हलफनामा में खुद के अनपढ़ होने की बात लिखी है। फिर उनके सुसाइड नोट में दो हस्ताक्षर कैसे आए, वह भी अलग-अलग। इस पत्र को लिखने में दो पेन का उपयोग किया गया है।
विस्तार
कानपुर में चकेरी गांव निवासी किसान बाबू सिंह यादव की आत्महत्या के मामले के मुख्य आरोपी पूर्व भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन उर्फ आशु दिवाकर की मां उर्मिला प्रकाश (70) का रविवार सुबह चकेरी श्यामनगर स्थित आवास पर निधन हो गया। अंतिम संस्कार में प्रियरंजन के आने की संभावनाओं के चलते पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का जाल भी बिछा रखा है।
इस बीच परिजनों ने चेतावनी दे डाली की जब तक प्रियरंजन को जमानत नहीं मिल जाती, उर्मिला का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं यह भी आरोप लगाया है कि कुर्की का नोटिस जारी होने से उन्हें सदमा लगा और मौत हो गई। वहीं मां की मौत के चलते प्रियरंजन के घर नोटिस चस्पा होने की कार्रवाई फिलहाल नहीं की गई। अभी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
आरोपी की भाभी बोलीं, बाबू सिंह अनपढ़, तो सुसाइड नोट में हस्ताक्षर कैसे
डॉ. प्रियरंजन की भाभी रेनू के अनुसार बाबू सिंह ने अपने हलफनामा में खुद के अनपढ़ होने की बात लिखी है। फिर उनके सुसाइड नोट में दो हस्ताक्षर कैसे आए, वह भी अलग-अलग। इस पत्र को लिखने में दो पेन का उपयोग किया गया है। इसकी फोरेंसिक रिपोर्ट आ जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बाबू सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर चोट भी थीं।
शव को पुलिस के आने के पहले घर क्यों लाया गया
आरोप लगाया कि रेलवे ट्रैक पर पड़े शव को पुलिस के आने के पहले घर क्यों लाया गया। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कहा कि बाबू सिंह की आत्महत्या की गई है। रेनू रंजन ने कहा कि प्रियरंजन से काफी समय से संपर्क नहीं है। वह, कहां और किस हाल में है, कुछ पता नहीं है। हो सकता है कि उन्हें किडनैप कर लिया गया हो।
पुलिस पर विधवा भाभी को थप्पड़ मारने और प्रताड़ित करने का आरोप
रेनू ने मीडिया के सामने कहा कि पुलिस ने उनके घर के अंदर डेरा डाल दिया था। उनकी विधवा भाभी गीता रंजन को थप्पड़ मारा था। पुलिस को गेट के बाहर रहना चाहिए था। घर के बच्चों को भी प्रताड़ित किया गया। प्रियरंजन की सरकारी डॉक्टर पत्नी को पुलिस ने कस्टडी में रखा। इसके बाद उन्हें भी अटैक पड़ा था। सभी के फोन सर्विलांस में लगाए गए हैं। इस डर से नाते-रिश्तेदार लोग फोन करने से डरते हैं।
बाबू सिंह की बेटी काजल का प्रियरंजन को लिखा पत्र दिखाया
रेनू ने एक पत्र दिखाया कि इसे किसान बाबू सिंह यादव की बेटी काजल ने प्रियरंजन को लिखा था। पत्र में 21 दिसंबर 2021 की तारीख लिखी है। इस पत्र में काजल ने प्रियरंजन को अंकल संबोधित करते हुए कहा कि वह उनके ड्राइवर बबलू के रिश्तेदार हैं। पत्र में लिखा है कि एक बार पापा शराब पीने से बीमार हो गए थे।
अंत में उसने प्लीज हेल्प मी लिखा है
तब उन्होंने मदद कर हैलट में उपचार के लिए भर्ती कराया था। इसके बाद लिखा है कि उनकी विवादित जमीन नरेंद्र यादव ने अपने नाम करा ली है। इसमें पापा मुकदमे जीत चुके हैं। फिर भी जमीन वापस नहीं मिल रही है। नरेंद्र और उनके साथी सरकार आने पर जिंदा जलाने की धमकी देते हैं। अंकल अब आप मंत्री बन गए हैं, आप ही जमीन दिलाने में मदद कर सकते हैं। अंत में उसने प्लीज हेल्प मी लिखा है।
जमीन वापस दिलवाई, तो पीछे पड़े सपाई
डॉ. प्रियरंजन उर्फ आशु दिवाकर की भाभी रेनू रंजन उनके बचाव में सामने आ गई हैं। कहा कि प्रियरंजन ने बाबू सिंह को को सपाई से जमीन वापस दिलवाई, तो सपाई प्रियरंजन के राजनीतिक भविष्य को खराब करने के लिए पीछे पड़ गए हैं। रेनू रंजन ने कहा कि बाबू सिंह की जमीन 15 सालों तक नरेंद्र यादव के कब्जे में थी।
प्रियरंजन की भाभी ने कहा- सपाइयों ने रची साजिश
कानूनी रूप से प्रियरंजन ने उनकी मदद कर जमीन दिलवा दी। कहा कि घटना के सभी पहलुओं पर जांच होनी चाहिए। प्रियरंजन को फंसाया जा रहा है। जमीन बेचने या खरीदने में उनका कहीं भी नाम नहीं है। वह किसान के बुलाने पर ही उनके घर गए थे।
सपा पर आरोप, भाजपा से मदद की गुहार
रेनू ने कहा कि प्रियरंजन के खिलाफ समाजवादी पार्टी के लोगों ने साजिश रची है। इस पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लोगों से साथ देने की मांग की। इस दौरान प्रियरंजन की भतीजी प्रियांशी ने कहा कि योगी जी जब उन्होंने बाबू सिंह की बेटियों की सुनीं है, तो उनकी भी सुनें।