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Kanpur: देवशयनी एकादशी आज, पांच माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
Thu, 29 Jun 2023 12:04 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:04 AM IST
सार
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिंदू धर्म में चातुर्मास का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। चातुर्मास आषाढ़ माह से शुरू होकर कार्तिक की एकादशी के दिन खत्म होता है। इस दौरान मुंडन, उपनयन संस्कार, विवाह आदि महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।
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देवशयनी एकादशी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देवशयनी एकादशी इस बार 29 जून से शुरू हो रही है। इस बार देवशयनी एकादशी से पांच माह तक भगवान विष्णु देवोत्थानी एकादशी तक के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। देवोत्थानी एकादशी को जब वे योग निद्रा से बाहर आएंगे तो चातुर्मास का समापन होगा। देवोत्थानी एकादशी 23 नवंबर को होगी। इस बार श्रावण पुरुषोत्तम मास दो माह तक है, इसलिए चातुर्मास की अवधि पांच महीने तक होगी।
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इस दौरान सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिंदू धर्म में चातुर्मास का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। चातुर्मास आषाढ़ माह से शुरू होकर कार्तिक की एकादशी के दिन खत्म होता है। इस दौरान मुंडन, उपनयन संस्कार, विवाह आदि महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं। वहीं, चातुर्मास के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ समय सावन के सोमवार, रक्षाबंधन, नागपंचमी, गणेशोत्सव, पितृ पक्ष, नवरात्र का होगा।
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अगर अति आवश्यक हो तो करें ये उपाय
ज्योतिषचार्या डॉ. स्वाति सक्सेना ने बताया कि चातुर्मास में शुभ संस्कारों के लिए वर्जित मान्य समय में भी अगर मांगलिक संस्कार करना जरूरी हो तो भगवान शिव की स्तुति करके कार्य आरंभ करें। रुद्राष्टकम का पाठ कर कार्य आरंभ करने से भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं। सभी विध्न बाधाएं समाप्त होती हैं।
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