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Auraiya: कागजों में चिकित्सकों की तैनाती, ट्रामा सेंटर पर गंदगी व सन्नाटा, अधिकारी कर रहे हैं हवा-हवाई दावे

Tue, 27 Feb 2024 03:34 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 27 Feb 2024 03:34 PM IST
सार

Auraiya News: भगौतीपुर स्थित ट्रामा सेंटर का सीएम ने छह नवंबर 2021 में लोकार्पण किया था। हालांकि, इसके संचालन के अरमान अधूरे ही हैं। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारी हवा-हवाई दावे कर दे रहे हैं।

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Deployment of doctors on paper, filth and silence at the trauma center, officials are making wild claims
भगौतीपुर स्थित ट्रामा सेंटर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरैया जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कागजों में चिकित्सकों की तैनाती कर ट्रामा सेंटर के जल्द संचालन को लेकर लगातार दावे करने में लगे हुए हैं। वहीं, धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। ट्रामा सेंटर गंदगी व झाड़ियों के बीच सन्नाटे की चादर ओढ़े हुए हैं।

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यहां शिफ्ट में महज चौकीदारों की चाकरी बजवाई जा रही है। यहां तक कि उपकरण भी नहीं जुटाए जा सके हैं, जबकि पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने चार चिकित्सकों की तैनाती के साथ दो सप्ताह में ओपीडी शुरू कराए जाने का दावा भी किया था।
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हाईवे से सटे भगौतीपुर में 2.64 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर का भवन वर्ष 2019 में बनना शुरू हुआ। छह नवंबर 2021 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ट्रामा सेंटर के भवन का वर्चुअल तरीके से ऑन लाइन लोकार्पण किया था।

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ढाई साल से अटका हुआ है संचालन
साल दर साल बीते जा रहे हैं। यहां जरूरी चिकित्सक व स्टाफ से लेकर उपकरण न होने के चलते पिछले ढाई साल से संचालन अटका हुआ है। जिले के स्वास्थ्य अधिकारी मामले में कागजी कवायद से लेकर चार चिकित्सकों की तैनाती का हवाला देकर जल्द संचालन की उम्मीद बढ़ा देते हैं।

सैफई व कानपुर रेफर करने की है परंपरा
हालांकि, इस सब के बावजूद ट्रामा सेंटर पर झाड़ियों के बीच पसरा सन्नाटा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क पर हो रहे हादसों में गंभीर घायल मरीजों को सैफई व कानपुर हायर सेंटर रेफर करने की परंपरा लगातार चलती जा रही है।

कागजों तक ही सीमित हैं चिकित्सक
जिले में दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के उपचार को लेकर ट्रामा सेंटर के संचालन की फिलहाल कोई ठोस प्रयास जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। यहां तैनात किए गए चिकित्सक कागजों तक ही सीमित हैं। हालांकि शासन स्तर से पिछले दिनों ट्रामा सेंटर के लिए 50 पदों के सृजन की स्वीकृति दे दी गई है।

शासन स्तर से दो दिन बाद संवाद किया जाना है, जिसमें ट्रामा सेंटर के संचालन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। शासन से स्वीकृत 50 पदों में तैनात किए गए चार चिकित्सकों को भी शामिल रखा गया है।  -डॉ. सुनील कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी

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