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बहुरेगी दीप टाकीज-शनिदेव मंदिर रोड
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 21 Nov 2015 02:19 AM IST
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आठ साल से जर्जर दीप टाकीज-शनिदेव मंदिर चौराहा रोड अब पीडब्लूडी बनाएगा। इसके लिए शासन ने 11.20 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। 15 दिसंबर को टेंडर होंगे और जनवरी से काम शुरू हो जाएगा। इससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
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साउथ सिटी की प्रमुख सड़कों में शामिल 10 मीटर चौड़ी दीप टाकीज तिराहे से किदवई नगर थाना, गौशाला चौराहा, सोटे बाबा हनुमान मंदिर, संजय वन होते हुए किदवई नगर एच-ब्लाक शनिदेव मंदिर चौराहे तक की सड़क आठ साल पहले बनी थी। चार साल पहले लगभग चार किलोमीटर लंबी इस सीवर लाइन को बिछाया गया था।
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विभाग ने सिर्फ काटी गई सड़क की मरम्मत कराई। धसाव से सड़क ऊबड़ खाबड़ होने लगी, तभी दो साल पहले जल निगम ने जलापूर्ति परियोजना के तहत इसी सड़क में दाहिनी तरफ घटिया राइजिंगमेन बिछवा दी।
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उन्होंने भी जितनी सड़क कटवाई, उतने पर ही पैच कराया। तब से चार बार पाइपों की टेस्टिंग में पाइप फटने से सड़कों की हालत जर्जर होती गई।
लोग इस सड़क के बजाय ज्यादा दूरी तय करते हुए आसपास की अन्य सड़कों से आने-जाने के लिए मजबूर हैं। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता ने बताया कि निर्माण से पहले जल निगम से लीकेज ठीक करने को कहा गया है।
वहीं नगर निगम में शुक्रवार को 10 करोड़ रुपये से सड़कों के निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए टेंडर पड़े। एक हजार से भी ज्यादा टेंडर आने से अतिरिक्त बक्से रखने पड़े। ये कार्य अगले माह शुरू होंगे।
गंगा के आसपास विकसित होगी ग्रीन बेल्ट
कानपुर। केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा नदी के आसपास पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। इसके लिए किनारे पर कई तरह के पौधे लगाए जाएंगे।
ये पौधे वहां की मिट्टी और गंगा के बहाव के अनुसार तय किए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) देहरादून को दी गई है।
योजना के लिए एफआरआई ने एग्रो फारेस्टिक मॉडल तैयार किया है। हर मॉडल में क्षेत्र की मिट्टी और उससे जुड़े पौधों के नाम दिए गए हैं। वन विभाग को इन्हीं मॉडल के अनुसार पौधे लगाने हैं।
डीएफओ राम कुमार ने बताया कि योजना की अच्छी बात यह है कि इसमें किसानों को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए उन्हें धन भी दिया जाएगा। किसान अपनी जमीनों का इस्तेमाल पौधे लगाने में कर सकते हैं।
डीएफओ का कहना है कि यदि बजट मिल जाता है, तो गड्ढा खुदाई का काम अभी शुरू कर दिया जाएगा। वैसे एक साल में यह काम शुरू होने की बात कही जा रही है।
ये पौधे लगेंगे
अर्जुन, जामुन, गुटेल (जंगली पौधा दलदल में लगता है), बांस, अमरूद इसी तरह के अन्य पौधे।
मिलेगा धन
पौधों की देखरेख के लिए किसानों को पांच साल तक धन मिलेगा। पहले साल पौधे मुफ्त दिए जाएंगे साथ में गड्ढे (पौधा लगाने के लिए) के लिए पचास रुपये प्रति पौधे दिए जाएंगे। दूसरे साल 45 रुपये, तीसरे और चौथे साल चालीस रुपये दिए जाएंगे।