तीन साल बाद मिली बिछड़ी बेटी: खेत में बेहोश मिली युवती, सदमे में पिता की हो चुकी है मौत, पढ़ें पूरा मामला
तालग्राम थाना क्षेत्र में छठ मैया की कृपा से एक बेटी अपने परिवार से वापस मिल गई। तीन साल बाद परिवार बिछड़ी बेटी मिलने से परिजनों की आंखें आंसू से भर गईं। बता दें कि जवान बेटी के बिछड़ जाने के सदमे में पहले ही पिता की मौत हो चुकी है।
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कन्नौज जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र में तीन साल पूर्व मानसिक हालत ठीक न होने पर परिवार से बिछड़ी युवती खेत में बेहोश मिली। ग्रामीणों ने युवती को मरा समझ कर पुलिस को बुला लिया। होश में आने पर युवती ने बताया पुलिस को घर का पता बताया कि इसके बाद मैनुपरी से पहुंचे परिजनों ने जब उसे देखा, तो आंखों से आंसू छलक आए।
जिला मैनपुरी थाना किशनी गांव निवासी अमला उर्फ शशी (30) पुत्री रामसगार गुप्ता की तीन साल पहले मानसिक रुप से हालत बिगड़ गई थी। अपनी मां के साथ विधूना दवा लेने जाते समय जाते समय वह रास्ते में बिछड़ गई थी। परिजनों ने काफी तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह अमोलर के खेतों में अमला बेहोशी की हालत में पड़ी थी। ग्रामीणों ने उसे मरा समझ कर फोन कर एसपी कुंवर अनुपम सिंह को जानकारी दी। इससे थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंच कर युवती को उठाया, तो वह खड़ी होकर रोने लगी।
अमला ने बताया कि उसकी मानसिक हालत खराब थी। वह तीन साल से इधर-उधर भटक रही थी। कुछ दिनों पहले ही उसकी हालत में सुधार हुआ, तो वह मैनपुरी घर पैदल जा रही थी। भूख के कारण बेहोश हो गई। इसके बाद पुलिस ने अमला की मां और भाई अनिल को सूचना दी।
दोपहर को जब मां और भाई ने थाने पहुंच कर अमला को देखा, तो गले लाकर तीनों रोने लगे। अनिल ने बताया कि बहन के लापता होने के बाद सदमे में आकर पिता रामसागर की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग अमला को लेकर घर लौट गए।