"वायरल इंसेफ्लाइटिस की दस्तक": समय से इलाज न मिलने पर हो सकती मौत, एेसे करें बचाव
बांदा निवासी सोनू (18) को बुखार, सिर दर्द, उल्टियां होने के बाद बेहोश होने की वजह से हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उसे वायरल इंसेफ्लाइटिस होने की आशंका जताई है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विशाल गुप्ता ने बताया कि वायरल इंसेफ्लाइटिस बीमारी दो तरह के वायरस से होती है। वायरस एंटेरो खाने के साथ पेट में पहुंचकर संक्रमित करता है, जबकि दूसरा हरपीज वायरस श्वांस से शरीर में पहुंचकर संक्रमण फैलाता है। इनमें से किसी भी वायरस के संक्रमण से दिमाग में सूजन आ सकती है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
बचाव के उपाय
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखें।
- बुखार, तेज सिर दर्द, उल्टियां, झटके आने पर तुरंत इलाज कराएं।