{"_id":"326006594043f93096c09a1cc43b0f17","slug":"student-s-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुले मैनहोल में गिरकर छात्र की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खुले मैनहोल में गिरकर छात्र की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 14 May 2015 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्रा आठ रामगोपाल चौराहे पर खुले मैनहोल में गिरकर छात्र मनीष उर्फ आकाश (13) की मौत हो गई। छात्र साथियों के साथ ग्रीन बेल्ट पर क्रिकेट खेल रहा था। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए और नगर निगम व फायरब्रिगेड को सूचना दी।
करीब एक घंटे बाद नगर निगम कर्मचारी ने मनीष को बाहर निकाला। उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। तसल्ली नहीं होने पर परिजन बर्रा पुलिस की सहायता से उसे प्रिया अस्पताल ले गए डॉक्टरों के जवाब देने पर हैलट पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर हैलट में जमकर हंगामा भी किया।
बर्रा पुलिस को लिखकर दिया कि कार्रवाई नहीं करनी है। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया। बर्रा आठ ‘ई-सेक्टर’ में रहने वाले जेपी उपाध्याय दादा नगर की एक बिस्कुट फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन हैं। घर में पत्नी इंदुमती और पांच बच्चे कृष्ण कुमार, बेटी शीबू, गोल्डी, काजल सहित छोटा बेटा मनीष है। मनीष बर्रा के एक स्कूल में आठवीं का छात्र था। बुधवार शाम को वह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था।
विज्ञापन
मनीष बॉल पकड़ने के लिए दौड़ा और ग्रीन बेल्ट के भीतर ही एक खुले मैनहोल में जा गिरा। 28 फीट गहरे मैनहोल में सिर्फ मनीष की चप्पलें उतराती दिखाई दीं। क्षेत्रीय पार्षद पुत्र अर्पित यादव की सूचना पर फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीम पहुंची तो लेकिन इतने गहरे नाले में उतरने की किसी की हिम्मत नहीं हुई।
बाद में नगर निगम कर्मचारी बउआ नाले में उतरा और फायर ब्रिगेड के कांटे की मदद से बाहर निकाला। समय रहते मिल जाती मदद तो बच जाता मनीष ः क्रिकेट खेलने के दौरान मनीष नाले में गिरा तो उसे तत्काल कोई मदद नहीं मिल पाई। सूचना के आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड और नगर निगम कर्मचारी पहुंचे।
निकालने का इंतजाम करते-करते एक घंटे से ऊपर बीत गया। बस एक चीख के बाद थम गई मनीष की सांसेंः साथी बच्चों ने बताया कि मनीष गेंद पकड़ने के लिए दौड़ा और एकदम से मैनहोल में समा गया। गिरते वक्त मनीष की बस एक चीख सुनाई दी इसके बाद उसकी दोबारा आवाज नहीं आई।
विज्ञापन
करीब एक घंटे बाद नगर निगम कर्मचारी ने मनीष को बाहर निकाला। उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। तसल्ली नहीं होने पर परिजन बर्रा पुलिस की सहायता से उसे प्रिया अस्पताल ले गए डॉक्टरों के जवाब देने पर हैलट पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर हैलट में जमकर हंगामा भी किया।
विज्ञापन
बर्रा पुलिस को लिखकर दिया कि कार्रवाई नहीं करनी है। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया। बर्रा आठ ‘ई-सेक्टर’ में रहने वाले जेपी उपाध्याय दादा नगर की एक बिस्कुट फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन हैं। घर में पत्नी इंदुमती और पांच बच्चे कृष्ण कुमार, बेटी शीबू, गोल्डी, काजल सहित छोटा बेटा मनीष है। मनीष बर्रा के एक स्कूल में आठवीं का छात्र था। बुधवार शाम को वह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था।
विज्ञापन
मनीष बॉल पकड़ने के लिए दौड़ा और ग्रीन बेल्ट के भीतर ही एक खुले मैनहोल में जा गिरा। 28 फीट गहरे मैनहोल में सिर्फ मनीष की चप्पलें उतराती दिखाई दीं। क्षेत्रीय पार्षद पुत्र अर्पित यादव की सूचना पर फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीम पहुंची तो लेकिन इतने गहरे नाले में उतरने की किसी की हिम्मत नहीं हुई।
बाद में नगर निगम कर्मचारी बउआ नाले में उतरा और फायर ब्रिगेड के कांटे की मदद से बाहर निकाला। समय रहते मिल जाती मदद तो बच जाता मनीष ः क्रिकेट खेलने के दौरान मनीष नाले में गिरा तो उसे तत्काल कोई मदद नहीं मिल पाई। सूचना के आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड और नगर निगम कर्मचारी पहुंचे।
निकालने का इंतजाम करते-करते एक घंटे से ऊपर बीत गया। बस एक चीख के बाद थम गई मनीष की सांसेंः साथी बच्चों ने बताया कि मनीष गेंद पकड़ने के लिए दौड़ा और एकदम से मैनहोल में समा गया। गिरते वक्त मनीष की बस एक चीख सुनाई दी इसके बाद उसकी दोबारा आवाज नहीं आई।