{"_id":"2669d7635700a360917f92a3d0e8b4e7","slug":"selling-blood-from-bogus-labeled-in-medical-college-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल काॅलेज का फर्जी लेबल लगा बेच रहे खून","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मेडिकल काॅलेज का फर्जी लेबल लगा बेच रहे खून
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल काॅलेज ब्लड बैंक का फर्जी लेबल लगाकर खून बेचा जा रहा है। कल्याणपुर में एक अस्पताल संचालक की सतर्कता से इसका खुलासा हुआ। कल्याणपुर पुलिस ने तीन आरोपियों राहुल, अमित और शानू को हिरासत में लिया है।
मूल रूप से मकरंदपुर कन्नौज निवासी किसान प्रमोद की बेटी रति कल्याणपुर के आरसी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती है।
मंगलवार सुबह प्रमोद बेटी के ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव की एक यूनिट लेने मेडिकल काॅलेज के ब्लड बैंक पहुंचा तो वहां राहुल नामक व्यक्ति मिला। उसने खुद को ब्लड बैंक का गार्ड बताया और कहा कि एबी नेगेटिव खून मिलना बहुत मुश्किल है। पांच हजार रुपये दो तो जुगाड़ कर दूंगा।
प्रमोद के हां करने पर रात 9 बजे राहुल चार साथियों के साथ आरसी मेमोरियल अस्पताल पहुंचा और पांच हजार रुपये लेकर एक यूनिट ब्लड प्रमोद को दे दिया। अस्पताल संचालक बबली को शक हुआ तो उन्होंने ब्लड बैंक में फोन करके पूछा तो बताया गया कि एबी नेगेटिव ब्लड किसी को नहीं दिया गया।
विज्ञापन
इतना सुनते ही अस्पताल के स्टाफ ने राहुल और उसके साथ आए दो लोगों को पकड़ लिया जबकि तीन अन्य भाग गए। इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि ब्लड बैग पर लगी मेडिकल काॅलेज की पर्ची फर्जी होने का पता चला है।
पूछताछ की जा रही है कि ये लोग खून कहां से लाए। यह भी पता किया जा रहा है कि ब्लड एबी नेगेटिव था भी या नहीं। बता दें कि पहले भी फर्जी पर्ची लगाकर खून बेचने के गोरखधंधे का खुलासा हो चुका है। इसमें ब्लड बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई थी। कुछ जेल भी भेजे गए थे।
विज्ञापन
मूल रूप से मकरंदपुर कन्नौज निवासी किसान प्रमोद की बेटी रति कल्याणपुर के आरसी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती है।
मंगलवार सुबह प्रमोद बेटी के ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव की एक यूनिट लेने मेडिकल काॅलेज के ब्लड बैंक पहुंचा तो वहां राहुल नामक व्यक्ति मिला। उसने खुद को ब्लड बैंक का गार्ड बताया और कहा कि एबी नेगेटिव खून मिलना बहुत मुश्किल है। पांच हजार रुपये दो तो जुगाड़ कर दूंगा।
विज्ञापन
प्रमोद के हां करने पर रात 9 बजे राहुल चार साथियों के साथ आरसी मेमोरियल अस्पताल पहुंचा और पांच हजार रुपये लेकर एक यूनिट ब्लड प्रमोद को दे दिया। अस्पताल संचालक बबली को शक हुआ तो उन्होंने ब्लड बैंक में फोन करके पूछा तो बताया गया कि एबी नेगेटिव ब्लड किसी को नहीं दिया गया।
विज्ञापन
इतना सुनते ही अस्पताल के स्टाफ ने राहुल और उसके साथ आए दो लोगों को पकड़ लिया जबकि तीन अन्य भाग गए। इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि ब्लड बैग पर लगी मेडिकल काॅलेज की पर्ची फर्जी होने का पता चला है।
पूछताछ की जा रही है कि ये लोग खून कहां से लाए। यह भी पता किया जा रहा है कि ब्लड एबी नेगेटिव था भी या नहीं। बता दें कि पहले भी फर्जी पर्ची लगाकर खून बेचने के गोरखधंधे का खुलासा हो चुका है। इसमें ब्लड बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई थी। कुछ जेल भी भेजे गए थे।