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GST की आड़ में पान मसाला कारोबारियों की कालाबाजारी

Sat, 22 Jul 2017 09:53 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 22 Jul 2017 09:53 AM IST
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Rupee fraud of Pan masala traders under name of GST
डेमो पिक
लोग जिसे खाकर थूक रहे हैं उस पान मसाला को बनाने वाले कारोबारी बस मालामाल ही होते जा रहे हैं। जीएसटी ने उन्हें कमाई का एक और हथकंडा थमा दिया है। अभी टैक्स की दरें लग कर आईं नहीं और दुकानदारों ने बढ़े दाम वसूलना शुरू कर दिया है। 142 रुपये का गुटखा पैकेट 190 रुपये में खुलेआम बेचा जा रहा है। गुटखे की एक पुड़िया पर 70 से 90 पैसे ज्यादा वसूले जा रहे हैं। जनपद में रोजाना लगभग चार लाख रुपये का गुटखा कारोबार होता है।
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जीएसटी को लेकर अन्य व्यापारियों की तरह गुटखा व्यापारी भी अंधेरे में हैं। उन्हें फिलहाल नहीं पता कि इस कारोबार में कितना टैक्स लगेगा या बढे़गा ? बांदा के थोक गुटखा व्यापारी मोती लालवानी, मदन साहू, संतोष कुमार और व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज जैन ने बताया कि पूर्व में जीएसटी के तहत 100 प्रतिशत कर लगाया गया था। अब इसे 150 फीसदी कर दिया गया।
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साथ में 18 फीसदी टैक्स और लगेगा। यानी अब गुटखे पर कुल 168 फीसदी टैक्स लगेगा। व्यापार कर विभाग के अधिकारी भी फिलहाल व्यापारियों को स्पष्ट स्थिति नहीं बता पा रहे। व्यापारियों के मुताबिक 168 फीसदी टैक्स से 68 रुपये और ज्यादा लगेंगे। 100 रुपये का पैकेट 168 में मिलेगा। 
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उधर, पहली जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद से गुटखा कंपनियों ने माल की आपूर्ति रोक रखी है। नतीजे में पुराने स्टाक पर ही जीएसटी के नाम पर बढ़ी कीमतें वसूली जा रही हैं। 65 पुड़िया वाला 142 रुपये का पैकेट 185 में बेचा जा रहा है। फुटकर व्यापारी भी 10 रुपये में 4 पाउच की जगह अब 3 पाउच पकड़ा रहे हैं।
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