रैगिंग में एचबीटीयू के 11 स्टूडेंट कक्षा से निष्कासित
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आठ छात्रों को एक महीने के लिए और तीन छात्रों को 15 दिन के लिए निष्कासित किया गया है। सबके पठन-पाठन, स्टूडेंट एक्टिविटी पर रोक है। स्टूडेंटों को किसी भी काम केे लिए अयोग्य करार दिया गया। साथ ही उन्हें यह चेतावनी भी दी गई है कि उन्होंने अगर ऐसी दूसरी गलती की तो सीधा यूनिवर्सिटी से निष्कासित किया जाएगा। वहीं यह बात भी बाहर आई है कि रैगिंग के मामले में एक छात्रा भी शामिल है।
एचबीटीयू में पांच सितंबर 2016 को शिक्षक दिवस समारोह मनाया गया। जूनियर और सीनियर स्टूडेंटों ने शिक्षकों को सम्मानित किया। शिक्षकों के जाने के बाद कुछ सीनियरों ने बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट को दबोच लिया और जबरन डांस कराया व उनके साथ अभद्रता की।
इसकी शिकायत स्टूडेंट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से की और यूजीसी के डायरेक्शन पर ही टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मामले की जांच शुरू कर दी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. एस गुप्ता ने सम्मान समारोह के दौरान की वीडियो फुटेज देखी। साथ ही नोटिस जारी करके स्टूडेंटोें से जवाब-तलब किया। इसी सिलसिले में शुक्रवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मीटिंग हुई। इसमें चर्चा के बाद संबंधित स्टूडेंटों को अमर्यादित आचरण और अनुशासनहीनता का दोषी करार दिया गया, फिर कक्षा से निष्कासित करने का फैसला लिया गया।
30 दिन नहीं पढ़ सकेंगे ये छात्र
- दिव्यांश अग्रवाल, कृष्ण कुमार राठ हमीरपुर, नमन मिश्रा, मोहम्मद सारिक हबीब झांसी, संजय शर्मा हाथरस, श्वेता मौर्या आजमगढ़, आदित्य चौधरी जयपुर और शरवम सिंह इंदिरा नगर लखनऊ को 30 दिन के लिए निष्कासित किया गया।
इनको 15 दिन का दंड
- शुभम कुमार अग्रवाल संभल, रजत गोरखपुर और रजत कुमार आगरा को 15 कार्य दिवस के लिए निष्कासित किया गया।